लालच बुरी बला, 2 दर्जन से ज्यादा बच्चे और महिलाएं बीमार

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बडे बुजुर्गों ने कहावतें हवा में नहीं बनाई, हर कहावत में उनका अनुभव झलकता है। एक कहावत है लालच बुरी बला। टिहरी जिले के कीर्तिनगर विकास खंड के सिरोला गांव में लालच ने, दो दर्जन से ज्यादा बच्चों और महिलाओं को अस्पताल की चौखट पर पहुंचा दिया है। श्रीनगर के बेस अस्पताल में बीमार बच्चों और महिलाओं का इलाज जारी है।

दरअसल सिरोलो गांव में एक बकरी की मौत हो गई..ग्रामीणों ने बिना जांचे परखे लालच में आकर उस मरी बकरी का मांस पकाकर खा लिया। मांस खाने के कुछ समय बाद ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त, पेट दर्द और दूसरी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें होने लगी। आनन फानन में बीमारों को अस्पताल पहुंचाया गया।

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बकरी का मांस खाने वाले बीमार कई बच्चों में डायरिया के लक्षण पाए गए। श्रीनगर गढ़वाल के बेस अस्पताल में भरती कराए गए कई बच्चों का बाल रोग विभाग में इलाज चल रह है। वहीं बीमारो के इलाज में जुटे चिकित्सकोों की सलाह है कि किसी पशु की बीमारी या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर उसके मांस का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

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सेहत के जनाकारको का मानना है कि मांस में हानिकारक बैक्टीरिया या दूसरे संक्रमणकारी तत्व मौजूद हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। लिहाजा बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों को ऐसे मांस के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए।

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वहीं हालात बिगड़ने से पहले किसी स्वास्थ्य केंद्र के जाकर तत्काल इलाज शुरू कर देना चाहिए ताकि किसी की जान पर न बने। बहरहाल मरी बकरी के मांस के लालच ने सिरोला गांव से दर्जनो लोगों को अस्पताल पहुंचा दिया है जिसके चलते ग्रामीणों के माथे पर शिकन की लकीरी उभर गई हैं।

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