देहरादून पुलिस और जिला प्रशासन ने एक संयुक्त छापेमारी में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। निरंजनपुर मंडी के पास एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के पीछे अंधेरे का फायदा उठाकर अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की जा रही थी। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने 327 गैस सिलेंडरों से लदा एक ट्रक और मौके से 32 अन्य सिलेंडर बरामद किए हैं। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि ट्रक चालक अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
4 घंटे चली छापेमारी और बरामदगी
पुलिस और प्रशासन की टीम ने शनिवार-रविवार की रात करीब 12 बजे से सुबह 4 बजे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मौके से न केवल भारी मात्रा में घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर मिले, बल्कि रिफिलिंग के उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और हैंगिंग वेटिंग मशीन भी जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपी भूपेंद्र लंबे समय से सिलेंडरों की अवैध खरीद-फरोख्त कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने का काम कर रहा था।
लोनी बॉटलिंग प्लांट से जुड़ा है मामला
जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया ट्रक लोनी बॉटलिंग प्लांट से गैस सिलेंडर लेकर आया था। इन सिलेंडरों को अवैध रूप से रिफिल कर महंगे दामों पर बाजार में खपाने की तैयारी थी। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि गैस की कालाबाजारी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यह न केवल आर्थिक अपराध है बल्कि जन सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
अवैध रिफिलिंग का नेटवर्क
यह गिरोह आपूर्ति संकट का फायदा उठाकर लोगों को महंगे सिलेंडर बेचता था। आरोपी के खिलाफ पटेलनगर और प्रेमनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बॉटलिंग प्लांट से सीधे कालाबाजारी के लिए सिलेंडर कैसे उपलब्ध हो

