पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी को मिला पद्मभूषण सम्मान, मुख्यमंत्री धामी ने दी बधाई

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देश के प्रतिष्ठित खिताबों में शामिल पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित होने पर उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को राज्य के मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी ने हार्दिक बधाई दी है। सीएम धामी ने शुभकामना देते हुए अपने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की है जिसमें भगत दा की तारीफ करते हुए उन्हें सादगी और समर्पण की प्रतिमूर्ति बताया है। सीएम धामी ने लिखा है कि, राष्ट्रहित के प्रति आपका योगदान हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। आपने अपने संघर्ष, कर्मनिष्ठा और लोकसेवा से एक विशिष्ट पहचान बनाई है। गौरतलब है कि भगत सिंह कोश्यारी को साल 2026 के पद्मभूषण सम्मान से भारत की राष्ट्रपति श्रीमति द्रोपदी मुर्मु ने सम्मानित किया।

राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित हुए नागरिक अलंकरण समारोह में वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह, केंद्र सरकार के कई अन्य मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे। पहले नागरिक अलंकरण समारोह में भारत की राष्ट्रपति ने 66 पद्म पुरस्कार प्रदान किए। जिनमें 02 पद्म विभूषण, 06 पद्म भूषण और 58 पद्म श्री शामिल हैं।

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उत्तराखण्ड में ‘भगत दा’ के नाम से प्रसिद्ध पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून, 1942 को उत्तराखण्ड के बागेश्वर जिले के पहाड़ी इलाके के सुदूर गांव पलानधुरा में हुआ था। उन्होंने अपनी ग्रामीण पृष्ठभूमि के बावजूद दृढ़ संकल्प के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त की और 1964 में आगरा विश्वविद्यालय से संबद्ध अल्मोड़ा कॉलेज से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर की डिग्री पूरी की। उन्होंने 1964-1965 के दौरान राजा का रामपुर में व्याख्याता के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। हालांकि शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से प्रेरित होकर, उन्होंने 1965 के बाद से स्‍वयं को पूरी तरह से शैक्षणिक और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

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वहीं साल 1997 में भगत सिंह कोश्यारी को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया था। नवंबर 2000 में उत्तराखण्ड के गठन के बाद, वह राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में थोड़े समय के लिए उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्होंने उत्तराखण्ड विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में भी काम किया। वर्ष 2008 में वह राज्य सभा के लिए चुने गए और 2014 में वह नैनीताल-ऊधम सिंह नगर निर्वाचन क्षेत्र से लोक सभा के लिए चुने गए।

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इसके बाद भगत दा को 5 सितंबर, 2019 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया जहां उन्होंने प्रभावी रूप से सेवा की। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल के रूप में भी नियुक्त किया गया था।

शिक्षा और राजनीति में उनके योगदान के अलावा कोश्यारी एक लेखक भी हैं। उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” और “उत्तरांचल प्रदेश: संघर्ष एवं समाधान” नामक दो पुस्तकें लिखी और प्रकाशित की, जो उत्तराखण्ड के विकास के प्रति उनकी संकल्‍पना और प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, नेतृत्व और अटूट सेवा का एक प्रेरक उदाहरण है।

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