देहरादून में आग का कहर: वनों से लेकर रिहायशी इलाकों तक 21 जगह लगी आग, हाई अलर्ट पर फायर ब्रिगेड

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देहरादून जिले में भीषण गर्मी के बीच आग का कहर देखने को मिला है, जहाँ मात्र 24 घंटे के भीतर आग लगने की 21 अलग-अलग घटनाएँ सामने आई हैं। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर सर्विस का इमरजेंसी नंबर लगभग हर घंटे बजता रहा और दमकल कर्मियों को लगातार दौड़ना पड़ा।

देहरादून फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सबसे ज्यादा प्रभावित मुख्य देहरादून शहर रहा, जहाँ आग लगने की 12 घटनाएँ दर्ज की गईं। इसके अतिरिक्त, डोईवाला और विकासनगर में तीन-तीन मामले सामने आए, जबकि ऋषिकेश क्षेत्र में आग लगने की दो घटनाएँ घटित हुईं, जिससे पूरे जिले की दमकल टीमों को हाई अलर्ट पर रहना पड़ा।

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जंगलों और आवासीय क्षेत्रों में मची तबाही

जिले के वनों से लेकर रिहायशी इलाकों तक आग ने जमकर नुकसान पहुँचाया है। विकासनगर के दोऊ गाँव और सहिया के फेडुकलानी क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग लग गई, जिसने वन संपदा को काफी नुकसान पहुँचाया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिनव त्यागी के अनुसार, ज्वालापुर नागल दूधली रोड पर स्थित एक फर्नीचर की दुकान में भी अचानक भयंकर आग लग गई। इसके अलावा कुआंवाला के जंगलों और जौलीग्रांट में एयरपोर्ट के पास स्थित जंगली क्षेत्र में आग भड़कने से कई पेड़ों को भारी क्षति पहुँची, जिसे दमकल विभाग ने मौके पर पहुँचकर बुझाया।

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शहरी इलाकों और बिजली उपकरणों में शॉर्ट सर्किट का कहर

आग की लपटों ने रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों को भी अपनी चपेट में लिया, जिसमें बिजली के उपकरणों और वाहनों में आग लगने की घटनाएँ प्रमुख रहीं। दमकल विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, सहस्रधारा रोड पर बिजली के पोल में और नेहरू ग्राम में एक वाहन में अचानक आग लग गई।

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वहीं आशीर्वाद एन्क्लेव में एक घर के गीजर में ब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट होने की घटना सामने आई। इसके साथ ही पौंधा और आमवाला के जंगलों समेत मालसी के पास बिजली के पोल आदि में भी आग लगने के मामले सामने आए, जिसके बाद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत कर स्थितियों पर काबू पाया।

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