देहरादून। राजधानी के रायपुर थाना क्षेत्र में निवेशकों को दोगुने रिटर्न और भारी मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर करीब 1.50 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विनीता देवी नामक पीड़िता ने थाने में तहरीर देकर ‘फाइन साइड एग्रो प्रोड्यूसर इंडिया लिमिटेड’ के उत्तराखंड प्रमुख अनिल अग्रवाल और एजेंट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि कंपनी की एफडी और आरडी योजनाओं में निवेश की अवधि पूरी होने के बावजूद निवेशकों को उनकी गाढ़ी कमाई वापस नहीं लौटाई जा रही है।
शिकायतकर्ता विनीता देवी के मुताबिक, उन्होंने एजेंट केशर सिंह के कहने पर 10 जुलाई 2023 को कंपनी में एक-एक लाख रुपये की दो एफडी कराई थीं, जिनकी मियाद तीन साल तय थी। नियमानुसार दोनों एफडी 10 जुलाई 2026 को मैच्योर होनी थीं, लेकिन 25 अक्टूबर बीत जाने के बाद भी एक भी रुपया भुगतान नहीं किया गया। प्रत्येक एफडी की मैच्योरिटी राशि 1,44,903 रुपये यानी कुल 2,89,806 रुपये का भुगतान कंपनी को करना था।
पीड़िता का कहना है कि कंपनी की विभिन्न योजनाओं में आकर्षक रिटर्न का भरोसा देकर उन्हें विश्वास में लिया गया था। इसी झांसे में आकर उन्होंने खुद तो निवेश किया ही, अपने परिचितों और अन्य लोगों को भी कंपनी में पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया। परिणामस्वरूप, कई अन्य लोगों ने भी अपनी बचत इस कंपनी की योजनाओं में जमा कर दी थी।
तहरीर के अनुसार, फाइन साइड एग्रो प्रोड्यूसर इंडिया लिमिटेड की इन योजनाओं में निवेशकों के करीब 1.50 करोड़ रुपये की मैच्योरिटी राशि अटकी हुई है। कंपनी के उत्तराखंड प्रमुख अनिल अग्रवाल ने निवेशकों को आश्वस्त किया था कि उनकी रकम सुरक्षित जमीनों और संपत्तियों में लगाई जा रही है, इसलिए भुगतान को लेकर कोई संकट नहीं आएगा। हालांकि, साल 2025 से ही निवेशकों को समय पर भुगतान मिलना पूरी तरह बंद हो गया था।
ठगी का शिकार हुए निवेशकों ने अब आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसने और अपनी रकम वापस दिलाने की पुरजोर मांग की है। विनीता देवी ने पुलिस को दी गई शिकायत में मांग की है कि उत्तराखंड प्रमुख अनिल अग्रवाल द्वारा ठगी के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच हो। तहरीर में हरिद्वार के जर्स कंट्री अपार्टमेंट में दो फ्लैट, कुछ प्लॉट और एक मकान खरीदे जाने का विशेष रूप से जिक्र किया गया है, साथ ही 14 अन्य निवेशकों की सूची भी संलग्न की गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर थाना पुलिस ने तत्काल कड़ा एक्शन लिया है। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़िता की तहरीर और संलग्न दस्तावेजों के आधार पर मुख्य आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे वित्तीय फर्जीवाड़े के नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की गहराई से छानबीन कर रही है।

