उत्तराखंड सीएम धामी का कांग्रेस पर बड़ा हमला: बोले- ‘कांग्रेस के पापों को सशक्त नियमों से धो रही सरकार’

ख़बर शेयर करें

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के उपरांत मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ताआसीन होकर जो-जो पाप किए हैं मौजूदा सरकार उन्हें सशक्त नियमों ले धोने का कार्य कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि सफाई अभी जारी है और आगे भी तब तक जारी रहेगी जबतक सभी अमर्यादाओं और अनुचिक कृत्यों पर सशक्त नियमों की नकेल से पूरी तरह कसावट नहीं आ जाती। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार की अच्छी कार्यशैली को देखकर विपक्ष के मन के भीतर इतनी हताशा और निराशा बैठ चुकी है कि विपक्ष भ्रम फैलाने की राजनीति पर उतर आया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने सदा से ही तुष्टीकरण की राजनीति की है और यही कारण है कि हमारी सरकार को उत्तराखंड में कड़े और सशक्त नियम लागू करने पड़े जो आज उत्तराखंड की संस्कृति और सभ्यता के सरंक्षण में अहम साबित हो रहे हैं।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: बिना फिटनेस फर्राटे भरती रही रोडवेड बस, 2 महीने में कटे 44 चालान, कुल जुर्माना 4 लाख पार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब-जब भाजपा सरकार द्वारा प्रदेश को जिहादीयों के चंगुल से छुड़ाने का कार्य किया है तब-तब कांग्रेस के ‘पेट में मरोड़’ उठे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस सरकार के अच्छे कार्यों को राष्ट्रहित और जनहित के नजरिए से देखने के बजाय हमेशा जिहादी मानसिकता और अल्पसंख्यकों को मात्र अपने वोट बैंक के चश्मे से ही देखती आई है। मुख्यमंत्री धामी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार राज्य और देश की जनता आपको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा रही है लेकिन आपका आचरण है की सुधरने का नाम नही ले रहा।

लैंड जिहाद पर विस्तृत चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मूल संस्कृति और सभ्यता के साथ हो रही छेड़छाड़ को रोकने के लिए भाजपा सरकार द्वारा सख्त भू-कानून लाया गया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य की सरकारी भूमियों से अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए बुलडोजर एक्शन का इस्तेमाल किया लेकिन कांग्रेस ने वहां भी अपनी तुष्टितकण की राजनीति को रेखांकित करते हुए जनता को बरगलाने और झूठी भ्रांतियां फैलाने का कार्य ही किया। उन्होंने कांग्रेस के सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि सरकारी भूमियों से अवैध कब्जे हटाना क्या गलत है? यदि नहीं तो फिर कांग्रेस के खेमें में इन कार्रवाइयों से इतनी खलबली क्यों मची हुई है।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: मोबाइल हैकिंग और फर्जी इंश्योरेंस कॉल से उड़ाई 9 लाख से अधिक की रकम, मुकदमे दर्ज

वहीं मदरसा बोर्ड को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 2016 के समय कांग्रेस सरकार जब उत्तराखंड मदरसा बोर्ड लागू किया था तो उन्होंने अपनी संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए अल्पसंख्यकों का मतलब केवल एक ही समुदाय तक सीमित रखा, जबकि शेष अलपसंख्यक समाज को इस से वंचति रखा गया। लेकिन भाजपा सरकार ने इसमें सिख्ख, जैन, पारसी, इसाई और बौद्ध समाज को भी इसमें सम्मिलित किया है ताकि तमाम वंचित अल्पसंख्यक समाजों के बच्चों को समान शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: गैर-कानूनी धार्मिक शिक्षा दी तो लगेगा 5 लाख का जुर्माना, संस्थान होगा सील

इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का पक्ष धरते हुए कहा कि 23-24 साल से वैवाहिक जीवन में रहने के बावजूद उनके पति गिरधारी लाल साहू को कोई समस्या नहीं आई लेकिन जब मंत्री रेखा आर्य ने अनुचित बातों का विरोध करना शुरु किया तो उन्हें विवादों में घेर लिया गया। उन्होंने कहा कि बिना किसी आधार के और सत्यता की पुष्टि किए बिना किसी को दोषी ठहराना अनुचित है और कांग्रेस को इस प्रकार की भ्रामक राजनीति करना शोभा नहीं देती। मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए बोफोर्स घोटाले से लेकर 2G स्पैक्ट्रम और आदर्श घोटालें तक की गठरी खोलते हुए कहा कि हम तो कांग्रेस को बीते 70 सालों से सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी बताते आ रहे हैं।