देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों पर पसरा अंधेरा आम जनता की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा कराए गए एक विशेष सर्वे में नगर निगम क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर कुल 806 स्ट्रीट लाइटें बंद या खराब पाई गई हैं। प्रशासन की इस पड़ताल ने नगर निगम और रखरखाव से जुड़ी एजेंसियों के दावों की पोल पूरी तरह से खोलकर रख दी है।
सर्वे रिपोर्ट सामने आते ही जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है। डीएम के निर्देश पर जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख सड़कों की यह जांच कराई गई थी। अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि पहचान की गई सभी 806 खराब लाइटों को ठीक करने के लिए तुरंत विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए और मरम्मत कार्य शुरू किया जाए।
प्रशासन के सर्वे के मुताबिक, सबसे ज्यादा खराब लाइटें सर्वे चौक से रायपुर मार्ग और आईएसबीटी-शिमला बाईपास से प्रिंस चौक मार्ग पर पाई गई हैं। इन अत्यधिक व्यस्त चौराहों और मुख्य रास्तों पर रोशनी न होने के कारण रात के समय दुर्घटनाओं और आपराधिक घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने एनएचएआई, नगर निगम, एमडीडीए और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को जवाबदेह बनाया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए शहर भर में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि सभी सड़कों को जल्द से जल्द रोशन किया जा सके।

