सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग का बड़ा हलफनामा: SIR के सभी फैसले सर्वसम्मति से, फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं

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नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े सभी निर्णय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य दोनों चुनाव आयुक्तों की पूर्ण सहमति से लिए गए थे। यह हलफनामा 12 विपक्षी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज को चुनौती देने वाली संयुक्त याचिका के जवाब में दाखिल किया गया है।

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आयोग ने शीर्ष अदालत को बताया है कि मतदाता पंजीकरण के लिए उपयोग किए जाने वाले फॉर्म-6 में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। एसआईआर से जुड़े 24 जून, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 के सभी आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से ही जारी किए गए थे। इस हलफनामे को मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ-साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने भी पूरी तरह मंजूर किया है।

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विपक्ष की इस संयुक्त याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय की गई है। चुनाव आयोग ने अपनी दलील में इस याचिका को महज मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित बताते हुए इसके पोषणीय न होने की बात कही है। आयोग ने यह भी साफ किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से हटाने के लिए संविधान में निर्धारित महाभियोग जैसी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है, इसलिए उन्हें काम करने से रोकने की मांग कानूनी रूप से सही नहीं है।