चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले स्थित गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में दो दिवसीय विधानसभा सत्र आज से शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाले इस सत्र में करीब 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश करेगी।
ग्रीष्मकालीन राजधानी में दो दिवसीय सत्र की शुरुआत वंदेमातरम के साथ हुई। उसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर धामी और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल बी.सी.खंडूड़ी और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धाजली देते हुए दोनो नेताओं के योगदान को याद किया।
सीएम धामी ने स्व.बीसी खंडूडी को ईमानदार और वक्त का पाबंद नेता बताते हुए उनके लोकायुक्त,भूकानून जैसे बिल और केंद्रीय मंत्री रहते हुए देश में सड़क विकास में दिए योगदान को अविस्मरणीय करार दिया। वहीं पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को मजदूर किसानो और मजलूमों का साथ देने वाला नेता बताया।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही भराड़ीसैंण में राजनीतिक और वित्तीय हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां सरकार राज्य के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट पास कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष भी जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। राज्य सरकार हर वित्तीय वर्ष की शुरुआत में अपना मूल बजट विधानसभा में पेश करती है। इस मूल बजट में विभिन्न विभागों, बुनियादी ढांचागत निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए निश्चित धनराशि तय की जाती है।
हालांकि, वित्तीय वर्ष के दौरान कई बार स्थितियां बदलती हैं और नए काम सामने आते हैं। जब किसी विभाग को पहले से स्वीकृत राशि से अधिक धन की जरूरत पड़ती है, तब संवैधानिक व्यवस्था के तहत अनुपूरक बजट लाया जाता है। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में जारी विकास परियोजनाओं को गति देने और नई योजनाओं की शुरुआत के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत पड़ी है।
इसके अलावा प्राकृतिक आपदा राहत, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अन्य आकस्मिक सरकारी दायित्वों को पूरा करने के लिए धामी सरकार सदन से इस 7,412 करोड़ रुपये की मंजूरी मांग रही है। अनुपूरक बजट को सरकार का अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान माना जा सकता है। फिलहाल गैरसैंण के भराड़ीसैंण परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सत्र की कार्यवाही जारी है।

