देहरादून।उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावी व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव लागू किए हैं। देहरादून में जारी निर्देशों के मुताबिक, अब मतदाता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर अपने प्रत्याशी की साफ और रंगीन तस्वीर देख सकेंगे। इसके साथ ही पोलिंग बूथ के बाहर राजनीतिक दलों के बस्ते लगाने की दूरी को भी 200 मीटर से घटाकर 100 मीटर कर दिया गया है।
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने चुनाव आयोग के इन नए फैसलों की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से तय किए गए ये सभी नए नियम उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के दौरान पूरी तरह लागू रहेंगे। आयोग का मकसद पूरी वोटिंग प्रक्रिया को मतदाताओं के लिए आसान और पारदर्शी बनाना है।
अब तक ईवीएम की बैलेट यूनिट पर उम्मीदवारों की छोटी और ब्लैक एंड व्हाइट फोटो ही लगाई जाती थी। कई बार फोटो इतनी धुंधली होती थी कि मतदाताओं के लिए अपने पसंदीदा प्रत्याशी को पहचानना मुश्किल हो जाता था। इसी भ्रम को दूर करने के लिए आयोग ने अब रंगीन और साफ तस्वीरें लगाने का फैसला लिया है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने पोलिंग बूथ के आसपास राजनीतिक दलों की गतिविधियों के नियमों में भी राहत दी है। राज्य में पहले चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के बस्ते मतदान केंद्र से कम से कम 200 मीटर की दूरी पर लगाए जाते थे। अब इस दूरी को घटाकर आधा कर दिया गया है।
नए नियमों के तहत प्रत्याशी और उनके कार्यकर्ता मतदान केंद्र से महज 100 मीटर की दूरी पर अपना बस्ता लगा सकेंगे। हालांकि, बस्ते से जुड़ी बाकी पुरानी प्रशासनिक बंदिशें और सुरक्षा नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे। इससे मतदाताओं को पर्ची लेने में आसानी होगी।
चुनावी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए आयोग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने अपने 40 से अधिक मोबाइल और वेब ऐप्स को आपस में जोड़कर ‘ECI Net’ नाम का एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इससे अधिकारियों और आम जनता दोनों को चुनावी जानकारी मिलना आसान हो गया है।
वोटिंग के दिन गड़बड़ी रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। आयोग की योजना के अनुसार, चुनाव के दिन प्रदेश के 100 फीसदी पोलिंग बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग की जाएगी। इस लाइव वेबकास्टिंग से पूरी वोटिंग प्रक्रिया पर आला अधिकारी सीधे नजर रख सकेंगे।
उत्तराखंड में लागू हो रहे ये नए चुनावी बदलाव जहां एक तरफ मतदाताओं के लिए वोट डालना आसान बनाएंगे, वहीं दूसरी तरफ लाइव वेबकास्टिंग और ECI Net जैसी तकनीकों से पूरी चुनाव प्रणाली ज्यादा निष्पक्ष और मजबूत होगी।

