उत्तराखंड में गर्मी के सीजन की शुरुआत के साथ ही बिजली की खपत ने एक नया इतिहास रच दिया है, जिसके तहत राज्य में बिजली की अधिकतम मांग गुरुवार को 2982 मेगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले राज्य में बिजली की सबसे ज्यादा मांग जून 2024 में 2880 मेगावाट दर्ज की गई थी, जो अब पूरी तरह पीछे छूट चुकी है।
गुरुवार को शाम सात बजे तक बिजली की मांग 2746 मेगावाट थी, जो रात दस बजे तक बढ़ते-बढ़ते अपने उच्चतम स्तर 2982 मेगावाट तक पहुंच गई। अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले जून के महीने में यह मांग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसके साथ ही, मिलियन यूनिट के हिसाब से देखा जाए तो राज्य में बिजली की कुल मांग लगभग 60 मिलियन यूनिट के करीब पहुंच गई है, जबकि इसके मुकाबले बिजली का कुल इंतजाम 59.31 मिलियन यूनिट का ही था।
लोकल फॉल्ट से उपभोक्ता परेशान
बिजली की इस रिकॉर्ड तोड़ मांग के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में स्थानीय स्तर पर तकनीकी दिक्कतें देखने को मिलीं, जिससे दिन भर लोग लोकल फॉल्ट की वजह से काफी परेशान रहे। इन स्थानीय फॉल्ट को ठीक करने के लिए बिजली विभाग को कई जगहों पर शटडाउन लेना पड़ा, जिसके कारण कुछ समय के लिए आपूर्ति बाधित रही और लोगों को बिना बिजली के समय बिताना पड़ा।
हालांकि, इन सब दिक्कतों के बीच निदेशक ऑपरेशन मदन राम आर्य ने स्पष्ट किया है कि मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद राज्य में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता बनी रही। उन्होंने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि विभाग के पास पर्याप्त इंतजाम होने के कारण राज्य में कहीं भी बड़े स्तर पर घोषित बिजली कटौती की नौबत नहीं आई है।

