देहरादून के डोईवाला क्षेत्र के अंतर्गत थानो गांव में बिना प्रशासनिक अनुमति और बिना नक्शा पास कराए बनाए गए एक मस्जिद के अवैध निर्माण को सील करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया है। एमडीडीए और डोईवाला प्रशासन द्वारा आगामी 27 मई को इस सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा, जिसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, यह मामला थानो के मौजा कंडोगल क्षेत्र का है, जहां प्रबंधन द्वारा बिना किसी कानूनी स्वीकृति के भूतल और प्रथम तल का निर्माण किया गया था। इस कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने मोर्चा खोलते हुए शनिवार को सुभाषनगर स्थित एमडीडीए कार्यालय के घेराव का ऐलान किया है, जिससे क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
नोटिस के बाद जारी हुआ अंतिम सीलिंग आदेश
इस अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया साल 2024 में ही शुरू हो गई थी, जब प्रशासन ने पहली बार नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के आदेश दिए थे। इसके बाद दिसंबर 2025 में प्रथम तल को सील भी किया गया था, लेकिन धर्मस्थल प्रबंधन ने कंपाउंडिंग की प्रक्रिया के लिए प्रशासन से कुछ समय की मोहलत मांगी थी।
तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद प्रबंधन द्वारा आवश्यक दस्तावेज और शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिसके चलते फरवरी 2026 में दोबारा सीलिंग के आदेश जारी किए गए। यह मामला कुछ समय के लिए हाईकोर्ट भी पहुंचा था, लेकिन सभी आपत्तियों के विधिक निस्तारण के बाद एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल ने अब 27 मई को अंतिम रूप से सीलिंग की कार्रवाई करने के आदेश पर मुहर लगा दी है।
थानो मस्जिद सीलिंग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
प्रशासन के इस सीलिंग आदेश के सामने आते ही स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने इसके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है। मुस्लिम सेवा संगठन ने इस पूरे प्रशासनिक आदेश को पूरी तरह से अवैध और एकतरफा करार दिया है। संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी और उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मस्जिद को सील करने के पीछे एक सोची-समझी साजिश रची जा रही है। इस फैसले के विरोध में अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए संगठन ने शनिवार को सुभाषनगर स्थित MDDA कार्यालय के बड़े घेराव की रणनीति तैयार की है, जिसके चलते पुलिस और खुफिया तंत्र भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रख रहा है।

