देहरादून। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के उपनल कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन के मामले में बड़ा झटका लगा है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से 120 उपनल कर्मचारियों की सूची सत्यापन के लिए उपनल को भेजी गई थी।
हालांकि, उपनल द्वारा तय किए गए कड़े मानकों और कटऑफ के आधार पर केवल 53 कर्मचारियों को ही समान कार्य-समान वेतन का लाभ देने की मंजूरी मिली है। शेष कर्मचारियों को पात्रता मानकों में शामिल न होने के कारण फिलहाल इस लाभ से वंचित रहना पड़ा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में ये कर्मचारी कॉलेज के अधीन आए थे और तभी से इन्हें उपनल के माध्यम से वेतन मिल रहा था। सत्यापन के दौरान कई कर्मचारी निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर सके, जिससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष है।
चार महीने से अटका है वेतन, बढ़ा आर्थिक संकट
मानकों की मार झेल रहे इन उपनल कर्मचारियों की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। अस्पताल में कार्यरत ये कर्मचारी पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने की मार भी झेल रहे हैं। मानदेय न मिलने से कर्मचारियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
उपनल महासंघ ने की वार्ता, अगले चरण से उम्मीद
उपनल कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बताया कि इस संबंध में शासन और मंत्री स्तर पर वार्ता हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छूट गए पात्र कर्मचारियों को अगले चरण में शामिल किया जाएगा।
महासंघ ने शासन और अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि 4 माह से अटके हुए वेतन का तुरंत भुगतान किया जाए और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाते हुए सभी कर्मचारियों को उनका हक दिया जाए।

