उत्तराखंड पुलिस की बड़ी कामयाबी; साइबर क्राइम कंट्रोल में देश के टॉप-5 में शामिल

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देहरादून। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आयोजित ‘प्रगति’ समीक्षा बैठक में उत्तराखंड पुलिस ने बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। साइबर अपराध नियंत्रण, पीड़ित सहायता और तकनीक आधारित पुलिसिंग के मामले में उत्तराखंड को देशभर के टॉप-5 राज्यों में स्थान मिला है। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस टीम को बधाई दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य सरकार की “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” की नीति और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का नतीजा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस आगे भी नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा के लिए इसी प्रतिबद्धता से काम करेगी।

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गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर द्वारा जारी रैंकिंग में उत्तराखंड का प्रदर्शन कई राष्ट्रीय मानकों पर उत्कृष्ट पाया गया। इसमें ई-जीरो एफआईआर, शिकायत निवारण प्रणाली, ठगी की राशि सुरक्षित कराने के मॉड्यूल और व्यापक साइबर जागरूकता अभियानों को मुख्य आधार बनाया गया।

US4C की स्थापना और ई-जीरो एफआईआर में तेजी

राज्य में ‘उत्तराखंड स्टेट साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर’ (US4C) की स्थापना के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है और पृथक भवन व बजट का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के तहत प्राप्त शिकायतों पर तुरंत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और फर्जी बैंक खातों को फ्रीज कर अपराधियों पर नकेल कसी जा रही है।

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विशेष मॉड्यूल के माध्यम से पुलिस ने साइबर ठगी के पीड़ितों के पैसे सुरक्षित कराने और वापस दिलाने में उल्लेखनीय सफलता पाई है। इसके अलावा CyTrain और साइबर कमांडो प्रोग्राम के जरिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक साइबर जांच का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

24 घंटे सेवा में हेल्पलाइन 1930

साइबर अपराध के पीड़ितों की त्वरित सहायता के लिए राज्य में 24 घंटे राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 संचालित है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि हर पीड़ित को तुरंत आर्थिक व कानूनी राहत पहुंचाना है।

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पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी से भी अपना ओटीपी , यूपीआई पिन या बैंक विवरण साझा न करें। यदि किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते ठगी की राशि ब्लॉक कराई जा सके।

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