देहरादून: “बाहर बताया बेटा, अंदर थमाई बेटी..!” दून अस्पताल में एक बार फिर बच्चा बदलने पर हंगामा

ख़बर शेयर करें

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात शिशु को बदलने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने सोमवार दोपहर करीब 4 बजे जमकर हंगामा किया। उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र से आए पीड़ित परिवार का आरोप है कि स्वास्थ्यकर्मी ने पहले बेटा होने की बात कही थी, लेकिन बाद में डॉक्टर ने बेटी सौंप दी।

इस घटना से भड़के परिजनों ने अस्पताल परिसर में करीब दो घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। मामले का संज्ञान लेते हुए दून अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके साथ ही महिला एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

पीड़ित परिजनों के अनुसार, उत्तरकाशी के मोरी निवासी संगीता राणा को पेट में दर्द होने पर उनके पति यशपाल राणा पहले स्थानीय अस्पताल ले गए थे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे की स्थिति उल्टी बताकर उन्हें देहरादून रेफर कर दिया था। घंटों का सफर तय कर परिजन दून अस्पताल पहुंचे, जहां सोमवार को संगीता ने बच्चे को जन्म दिया।

यह भी पढ़ें -  चम्पावत को सीएम धामी की सौगात: बनबसा में बैडमिंटन कोर्ट समेत करोड़ों के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण

प्रसव के तुरंत बाद एक स्वास्थ्यकर्मी ने बाहर आकर यशपाल राणा को बेटा होने की जानकारी दी और बधाई भी ली। लेकिन जब कुछ देर बाद यशपाल को डॉक्टरों ने अंदर बुलाया, तो उन्हें बताया गया कि बेटी हुई है। बाहर बेटा और अंदर बेटी बताने के विरोधाभास से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल में बच्चा बदलने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड: फल-सब्जी मंडियों के कचरे से बनेगी बायोगैस, किच्छा और विकासनगर में प्लांट लगाने की तैयारी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि घटना की जांच के लिए कमेटी बना दी गई है। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष से जवाब मांगा गया है और जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रशासन ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि परिजनों को केवल गलतफहमी हुई है और आधिकारिक दस्तावेजों में बेटी ही दर्ज है। शुरुआती जांच में सामने आया कि बधाई देने वाली महिला रेडियोलॉजी जांच करने वाली आउटसोर्स एजेंसी की कर्मचारी थी। प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी को नोटिस देकर उक्त कर्मचारी पर दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड के 9वें राज्यपाल डा.ढाल सिंह बिसेन 19 अक्टूबर को लेंगे पद की शपथ

गौरतलब है कि दून अस्पताल में बच्चा बदलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। करीब दो महीने पहले अगस्त में भी प्रेमनगर निवासी सुमित की पत्नी की डिलीवरी के बाद ऐसा ही विवाद सामने आया था, जिसमें पर्चे पर बेबी बॉय दर्ज था। उस समय स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के जांच के निर्देशों के बावजूद आज तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है, जिससे अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।