फोन और मैसेज से परेशान करने का आरोप, महिला अधिकारी के दफ्तर तक पहुंचा कर्मचारी; सचिवालय प्रशासन ने सेवा समाप्ति के लिए संबंधित विभाग को लिखा
देहरादून। महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन जब प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों में शामिल सचिवालय में ही महिला अधिकारी को कथित तौर पर फोन और मैसेज करके परेशान करने का मामला सामने आए, तो सवाल उठना लाजिमी है।
सचिवालय में एक महिला अनुभाग अधिकारी को कथित तौर पर लगातार परेशान करने के आरोप में एक उपनल कर्मचारी की जमकर पिटाई होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद सचिवालय में हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, उपनल के माध्यम से तैनात कर्मचारी पर आरोप है कि वह पिछले कई दिनों से सचिवालय में तैनात महिला अनुभाग अधिकारी को फोन और मैसेज कर परेशान कर रहा था।
बताया जा रहा है कि मामला तब और बिगड़ गया, जब कर्मचारी सचिवालय स्थित महिला अधिकारी के कार्यालय तक पहुंच गया और वहां कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगा। इसके बाद विवाद बढ़ गया और कर्मचारी की पिटाई कर दी गई। घटना के बाद मामला सचिव सचिवालय प्रशासन तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आरोपी उपनल कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने के लिए कहा गया है। हालांकि, सेवा समाप्ति की अंतिम कार्रवाई और मामले में अन्य विभागीय कदमों की आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।
यह घटना कई सवाल खड़े करती है। सचिवालय जैसी संवेदनशील जगह पर यदि किसी महिला अधिकारी को लगातार फोन और मैसेज के जरिए परेशान किए जाने की शिकायत सामने आती है, तो यह सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय है। सवाल यह भी है कि यदि महिला अधिकारी को कई दिनों से परेशान किया जा रहा था, तो समय रहते शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई? महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराना केवल सरकारी दावों तक सीमित नहीं रह सकता।
ऐसे मामलों में शिकायत की निष्पक्ष जांच, महिला अधिकारी की सुरक्षा और नियमानुसार कार्रवाई जरूरी है। साथ ही, किसी कर्मचारी की पिटाई को न्याय का विकल्प नहीं माना जा सकता। पूरे मामले में आरोपों की जांच और आधिकारिक तथ्यों का सामने आना अहम होगा।

