देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में पांच कैंटीन के संचालन के लिए जारी की गई नई टेंडर विवादों में घिर गई है। स्थानीय पार्षद ने कैंटीन टेंडर की शर्तों और किराए में बेतहाशा बढ़ोतरी को लेकर अस्पताल निदेशक और स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत दर्ज कराई है। मामला गरमाने के बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
पार्षद का आरोप है कि वर्तमान में दून अस्पताल की कैंटीन में मरीजों और परिजनों को 50 से 70 रुपये के बीच भोजन की थाली मिल जाती है। लेकिन नई टेंडर प्रक्रिया में कैंटीन का किराया काफी अधिक बढ़ा दिया गया है, जिससे ठेकेदार थाली की कीमत 100 से 150 रुपये तक कर सकते हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीजों और उनके तीमारदारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ना तय है।
पार्षद ने संबंधित मंत्री से मांग की है कि दून अस्पताल की कैंटीन में भोजन और जलपान की दरें आम जनता की जेब के हिसाब से न्यूनतम रखी जाएं। इसके अलावा उन्होंने कैंटीन परिसर में तय रेट लिस्ट का बोर्ड ऐसे स्थान पर अनिवार्य रूप से लगाने की मांग की है, जहाँ से हर मरीज और तीमारदार को रेट आसानी से दिखाई दे सकें और कोई मनमानी वसूली न हो सके।
उधर, टेंडर में गड़बड़ी और दामों में बढ़ोतरी की आशंका की शिकायत मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कैंटीन टेंडर को लेकर शिकायत प्राप्त हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
निदेशक डॉ. सयाना के मुताबिक, इस पूरे मामले पर दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्राचार्य से रिपोर्ट प्राप्त होते ही तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

