देहरादून। राजधानी देहरादून में नाबालिग बच्चों द्वारा दोपहिया और चारपहिया वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्तियों पर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। आरटीओ संदीप सैनी ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर स्कूली बच्चों की सुरक्षा शासन और विभाग की पहली प्राथमिकता है। इसके लिए शहर भर में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर नाबालिग चालकों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सड़कों पर नाबालिगों की बेधड़क आवाजाही को रोकने के लिए परिवहन विभाग ने विशेष बाइक स्क्वॉड को मैदान में उतारा है। यह बाइक स्क्वॉड देहरादून के प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों और मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेजों के आसपास लगातार गश्त कर रहा है। चेकिंग के दौरान नाबालिगों को वाहन चलाते पाए जाने पर मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि बच्चों को कम उम्र में वाहन सौंपने के लिए अभिभावक भी पूरी तरह जिम्मेदार हैं। आरटीओ संदीप सैनी के अनुसार, यदि कोई नाबालिग सड़क पर गाड़ी चलाता पकड़ा जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर उसके माता-पिता या वाहन मालिक को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
मोटर वाहन अधिनियम के कड़े प्रावधानों के तहत नाबालिग के वाहन चलाने पर अभिभावक या वाहन स्वामी पर 25 हजार रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित वाहन का पंजीकरण पूरे एक साल की अवधि के लिए निलंबित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे सभी मामलों का निस्तारण केवल अदालत के माध्यम से ही किया जाएगा।
परिवहन विभाग की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य राजधानी की सड़कों पर हादसों को रोकना और स्कूली छात्रों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आरटीओ प्रशासन ने सभी माता-पिता से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी हाल में वाहन न सौंपें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और भारी कानूनी परेशानी से बचा जा सके।

