देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक बेहद गंभीर और हैरान कर देने वाला मामला दर्ज हुआ है। शातिर साइबर ठगों ने हरिद्वार के ज्वालापुर निवासी एक बुजुर्ग दंपती को तीन दिनों तक घर में ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ रखकर 50 लाख रुपये की बड़ी रकम ठग ली। ठगों ने बुजुर्गों को जेट एयरवेज के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े 6.8 करोड़ रुपये के गबन मामले में फंसाने की झूठी धमकी दी थी।
पीड़ित ज्वालापुर के जगदीश नगर निवासी 77 वर्षीय सरोज बाला कपूर ने बताया कि 14 अक्टूबर को उनके पति शिव कपूर के फोन पर एक अनजान कॉल आई थी। कॉलर ने दावा किया कि उनके आधार कार्ड से दिल्ली के केनरा बैंक में खाता खोलकर फर्जीवाड़ा किया गया है। इसके बाद व्हाट्सएप पर खुद को अधिकारी बताने वाले विजय खन्ना नामक व्यक्ति ने कॉल कर आरोप लगाया कि नरेश गोयल के 6.8 करोड़ के गबन केस में इस्तेमाल 247 एटीएम कार्डों में से एक कार्ड उनके आधार से लिंक है।
ठगों ने बुजुर्ग दंपती पर ऐसा मानसिक दबाव बनाया कि वे बुरी तरह सहम गए। 15 अक्टूबर को राहुल नामक ठग ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय का अफसर बताकर व्हाट्सएप पर कोर्ट की फर्जी कार्रवाई से जुड़ी पीडीएफ फाइल भेजी। इसके बाद दंपती को लगातार ऑनलाइन निगरानी में रखकर घर पर ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर दिया गया, जिससे वे किसी भी परिचित या पुलिस से संपर्क न कर सके।
शातिर अपराधियों ने 16 अक्टूबर को बैंक खातों के सत्यापन का झांसा देकर बुजुर्ग दंपती की आईडीबीआई बैंक की एफडी तुड़वा दी। इसके बाद उन्होंने एक्सिस बैंक का खाता नंबर देकर आरटीजीएस के जरिए 50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। खाते से बड़ी रकम चले जाने के बाद जब ठगी का अहसास हुआ, तब पीड़ितों ने दून साइबर थाने पहुंचकर केस दर्ज कराया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग अलर्ट हो गया है। एसपी साइबर अपराध शांतनु पाराशर के मुताबिक, केस दर्ज कर पुलिस टीम आरोपियों के बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर उनकी तलाश में जुट गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानून नहीं होता, इसलिए ऐसे डरावने फोन आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

