Dehradun: वक्फ़ बोर्ड बनेगा साहिल,सलमान और शोएब के लिए मसीहा, आशियाने से तालीम तक पुख्ता इंतजाम..

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देहरादून। 5 तारीख बुधवार के दिन हुई बारिश विकासनगर के भीमावाला में तीन भाईयों के लिए मुसीबत का सैलाब लेकर बरसी। पहले बीमारी ने मां-बाप का साया छीना तो अब बारिश ने उसने सर से छत छीन ली..17 साल के साहिल 10 साल के शोएब और 7 साल के सलमान बेघर हो गए हैं..मुफलिसी में जी रहे तीनो मासूम भाई किसी तरह से जिंदगी गुजर-बसर कर रहे थे कि आसामानी सैलाब ने उन्हें अब नई मुसीबत के भंवर में फंसा दिया है।

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अब आलम ये है कि न रहने को घर रहा न खाने को भोजन..जिस उम्र में मां-बाप का साया हर मुसीबत से बचाने का नुस्खा होता है..उस उम्र में शोएब, सलमान और साहिल के सामने जिंदगी जंग बनकर सामने खड़ी हो गई है। पत्थर दिल इंसान भी अगर तकदीर के मारे इन मासूम बच्चों की दास्तान सुन रहा है फफक पड़ रहा है, उसका कलेजा मुंह को आ रहा है और परवरदिगार से पूछ रहा है ये मासूम के साथ क्या किया।

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बहरहाल समाचार 4U ने पहल करते हुए उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन साहब शादाब शम्श़ तक बेघर हुए बच्चों की दास्तान पहुंचाई..खबर सुनते ही चेयरमैन साहब के मुंह से ओह लफ्ज़ छूटा और तत्काल उन्होने ऐलान किया कि वक्फ बोर्ड शोएब, साहिल और सलमान के लिए घर से लेकर तालीम तक का इंतजाम करवाएगा। भीमावाला के इन यतीम बच्चो को पीएम आवास योजना का फायदा भी नहीं हुआ है।

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हालांकि अब उत्तराखंड वक्फ़ बोर्ड से उम्मीद है कि वो इन बेसहारा बच्चों के लिए फरिश्ता साबित होगा। जो उनके सिर पर छत के साए का इतंज़ाम करेगा और उनकी आने वाली जिंदगी मुफलिसी में न रहे इसके लिए उनको तालीम और हुनर की बख्शीश देगा। बच्चे भी उनको दुआएं देंगे और समाचार 4 U शुक्रिया कहेगा। बस पहल जल्द हो जाए ताकि बेघर और बेसहारा बच्चों को जल्द से जल्द वक्फ बोर्ड का सहारा मिल जाए।

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