भारतीय निशानेबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले देश के “गोल्डन बॉय” पद्मश्री सम्मानित महान निशानेबाज स्वर्गीय जसपाल राणा की स्मृति में उनके पैतृक क्षेत्र देहरादून के पोंधा स्थित मझौन गांव में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। हाल ही में दिल्ली के एक अस्पताल में हुए उनके असामयिक निधन के बाद पूरे उत्तराखंड सहित देश के खेल प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई थी।
इसी क्रम में आज जसपाल राणा के त्रयोदशी संस्कार और श्रद्धांजलि सभा में खेल जगत, राजनीति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी अनेक नामचीन हस्तियों ने शामिल होकर उन्हें नम आंखों से अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इस शोक सभा में मुख्य रूप से पहुंचे केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय जसपाल राणा के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें बेहद श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने उनके शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की तथा ईश्वर से दुःख की इस बेहद कठिन घड़ी में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस भावुक अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सौरव बहुगुणा, विधायक खजान दास, सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, सांसद डॉ. महेश शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी तथा नोएडा से विधायक पंकज सिंह समेत कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और गणमान्य नागरिकों ने भी मझौन पहुंचकर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मझौन गांव स्थित वही प्रसिद्ध शूटिंग रेंज, जहां जसपाल राणा वर्षों तक देश के युवा खिलाड़ियों को निशानेबाजी की बारीकियां सिखाते और प्रशिक्षण देते रहे, आज उनके सम्मान और पावन स्मरण का मुख्य केंद्र बनी रही।

इस अवसर पर मौजूद सभी वरिष्ठ वक्ताओं ने जसपाल राणा के खेल जगत में दिए गए अतुलनीय और ऐतिहासिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जसपाल राणा ने न केवल वैश्विक मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाया, बल्कि उत्तराखंड की पावन धरती से अनेक प्रतिभावान निशानेबाज तैयार कर भारतीय खेलों को एक नई और ऊर्जावान दिशा दी, जिसकी कमी खेल जगत को हमेशा खलेगी।

