उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से एक बहुत ही अच्छी और बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। अब अस्पतालों में लैब, ओटी, रेडियोलॉजी, ईसीजी और अन्य सभी प्रकार के टेक्नीशियन के पदों पर डिग्रीधारी युवाओं को भी नौकरी पाने का सुनहरा मौका मिलेगा।
वर्तमान नियमों के मुताबिक, इन पदों पर भर्ती के लिए केवल डिप्लोमा करने वाले युवाओं का ही चयन किया जाता था, जिसके कारण इन्हीं कोर्सों में उच्च डिग्री हासिल करने वाले योग्य युवा सरकारी नौकरी के लिए पात्र नहीं माने जाते थे। इस विसंगति और परेशानी के कारण राज्य के हजारों की संख्या में प्रशिक्षित युवा सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन तक नहीं कर पाते थे। युवाओं की इसी गंभीर समस्या को देखते हुए अब उत्तराखंड सरकार भर्ती नियमों में बड़ा संशोधन करने जा रही है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
स्वास्थ्य महानिदेशालय की ओर से इस संदर्भ में भर्ती नियमावली में आवश्यक बदलाव करने का एक ठोस प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीता टम्टा ने पुष्टि की है कि टेक्नीशियन संवर्ग की नियमावली में बदलाव के बाद डिप्लोमा धारकों के साथ-साथ डिग्रीधारी युवा भी पूरी तरह पात्र हो जाएंगे।
एक अनुमानित आंकड़े के मुताबिक, राज्य में 25 हजार से अधिक ऐसे युवा हैं जिन्होंने विभिन्न पैरामेडिकल कोर्स में डिग्री हासिल की है और इस फैसले से सीधे तौर पर इन सभी युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सालयों में अगले कुछ ही सालों में टेक्नीशियन के करीब दो से तीन हजार पदों पर बंपर भर्ती होने वाली है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि यह आगामी भर्ती लिखित परीक्षा के आधार पर आयोजित की जाती है, तो इतनी बड़ी संख्या में योग्य और डिग्रीधारी युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी विभागों में सेवा करने का अवसर प्राप्त होगा और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था भी पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ होगी।

