चारधाम यात्रा में मंदिर परिसर के आस-पास कोई रील नहीं बनेगी इसका पहले ही ऐलान कर दिया गया था। मंदिर समिति के इस निर्णय पर सरकार ने सहमति की मुहर लगाई थी। बावजूद इसके कुछ जिद्दी किस्म के रीलबाज मंदिर समिति के निर्णय को ठेंगा दिखा रहे हैं। लेकिन ऐसे लाईक,कंमेंट के भूखे रीलबाजों को सबक सिखाने के लिए खाकी मुस्तैद दिखाई दे रही है।
श्रीबदरीनाथ धाम में भक्त कम रीलबाज ज्यादा तबके के सदस्यों का चालन होना शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि श्रीबदरीनाथधाम मंदिर के तय दायरे के निकट रील बनाने वाले 15 लोगों का पुलिस ने चालान किया है। जिनसे जुर्माना भी वसूला गया है।
सख्ती भी जरूरी है बात भी सही है आप भगवान के दर्शन करने धाम में आये हो या अपने दर्शन कराने धाम पधारे हो।. पुलिसिया कर्यवाही का शौक हो और जुर्माना देने की हसरत हो तो फिर बेफिक्र होकर रील बनाओ और अगर खुद को देश का सम्मानित नागरिक समझते हो तो तय नियमो का पालन करो। रीलबाज ध्यान रखें आपकी हरकत से तीर्थयात्रियों का ध्यान भंग हो रहा है। आप तय कानून का माखौल उड़ा रहे हो लिहाजा एक्शन होने पर सरकार को कोसना नहीं।

