वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखी गई है, जिसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर नाकेबंदी बढ़ाने के निर्देशों के कारण आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल के दाम एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। इसी दबाव के चलते डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 20 पैसे टूटकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 94.88 पर बंद हुआ।
कच्चे तेल में पांच फीसदी से अधिक की तेजी
ईरान और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 5.5 फीसदी बढ़कर 117.34 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। अमेरिकी कच्चे तेल में भी 5.3 फीसदी का उछाल आया है और यह 105.19 डॉलर प्रति बैरल पर है। तेल की कीमतों में पिछले आठ दिनों से लगातार तेजी का सिलसिला जारी है, जिससे भारत के आयात खर्च पर भारी बोझ पड़ने की आशंका है।

