भगवान श्रीबदरीविशाल के दर्शन की प्यास भक्तों में लगातार बढ़ रही है। श्रद्धालु अपनी इस प्यास को बुझाने के लिए जय श्री बदरीविशाल के नारे के साथ चले आ रहे हैं। भूवैकुंठ माने जाने वाले बदरीनाथधाम में एक हफ्ते भीतर एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगवान श्रीबदरीविशाल के दर्शन कर चुके हैं। इनमें ज्यादातर श्रद्धालु तो ऐसे हैं जो एक दिन की यात्रा में सुबह घर से निकल रहे हैं और भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर रात को घर भी पहुंच जा रहे हैं।
जरा याद कीजिए या उम्रदराज लोगों से सुनिए कभी चार धाम यात्रा कितनी मुश्किल होती थी। एक धाम की यात्रा में ही हफ्ता भर लग जाता था। लेकिन अब नहीं लगता, ये विकास ही तो है । कभी निजी वाहन सिर्फ रईसों की शान हुआ करते थे आज निजी वाहन लग्जरी नहीं नेसैसरी बन गए हैं लिहाजा मिडल क्लास की पहुंच में हैं। इसी तरक्की का असर है कि लोग अपने वाहन में सिर्फ एक दिन में ही भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर वापस घर पहुंच जा रहे हैं।
ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले वक्त में श्रीबदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओ की तादाद में और इजाफा होगा क्यों कि अभी बच्चों की गरमियों वाली छुट्टी पड़ी ही नहीं है। छुट्टी के लिए स्कूल बंद होंगे तो और अधिक संख्या में श्रद्धालु धामों का रुख करेंगे।
खैर ये तो एक पहलू हैं लेकिन इस तरक्की की रफ्तार का दूसरा पहलू भी है. वो है कि,अ ब महज पचास फीसदी तीर्थयात्री ही श्रीबदरीनाथ रूट पर रात्रि विश्राम का प्लान बना रहे हैं, वरना यात्रा सरपट हो रही है सराररा प्वां प्वां……।

