उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की पवित्रता भंग करने और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंचाने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी एक युवक ने केदारनाथ मंदिर परिसर के सामने पटाखे जलाकर जन्मदिन का जश्न मनाया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इंटरनेट मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए इस घटना का संज्ञान लेते हुए सोनप्रयाग कोतवाली में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तीर्थस्थलों की मर्यादा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया के लिए किया मर्यादा का उल्लंघन
जांच में सामने आया है कि ‘सुमित के ब्लॉग’ नामक इंस्टाग्राम आईडी चलाने वाले सुमित नाम के युवक ने यह वीडियो प्रसारित किया था। वीडियो में वह अपने दोस्तों के साथ केदारनाथ मंदिर के ठीक सामने पटाखे जलाकर अपने एक साथी का जन्मदिन मनाता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। रील बनाने और लाइक्स पाने के चक्कर में धाम के धार्मिक नियमों और शांति का उल्लंघन किया गया, जिसकी पुष्टि खुद युवक ने वीडियो में पटाखे फोड़कर की है।
सोनप्रयाग कोतवाली में कानूनी कार्रवाई
पुलिस की इंटरनेट मीडिया सेल ने जब इस आपत्तिजनक वीडियो को देखा, तो तुरंत आरोपी की पहचान की गई। कोतवाली सोनप्रयाग में आरोपी सुमित के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 (3) के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धाम की गरिमा बनाए रखें और ऐसे किसी भी कृत्य से बचें जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
धाम में सख्त निगरानी के निर्देश
इस घटना के बाद केदारनाथ धाम और अन्य पैदल मार्गों पर निगरानी और बढ़ा दी गई है। पुलिस अब सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाले उन सभी वीडियो और फोटो पर नजर रख रही है जो तीर्थयात्रा के मर्यादा के विपरीत हैं। अधिकारियों का कहना है कि केदारनाथ एक संवेदनशील आध्यात्मिक क्षेत्र है, और यहाँ किसी भी प्रकार का शोर-शराबा या पटाखे जलाना पूरी तरह वर्जित है।

