देहरादून। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने 79 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी के 1.70 लाख रुपये की बड़ी रकम उड़ा ली है। खास बात यह है कि पीड़ित ने न तो कभी किसी को अपना वन-टाइम पासवर्ड बताया और न ही वे कभी नेट बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। इस अजीबोगरीब साइबर अपराध के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और बुजुर्गों में गहरी चिंता व्याप्त हो गई है तथा पुलिस प्रशासन इस गोपनीय सेंधमारी की तहकीकात में जुट गया है।
इस सनसनीखेज साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए बुजुर्ग नागरिक का नाम अवतार सिंह बिष्ट है, जिनकी उम्र 79 वर्ष है। पुलिस को दी गई अपनी लिखित तहरीर में उन्होंने विस्तार से बताया कि उनका बैंक खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पंडितवाड़ी शाखा में सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। अचानक हुई इस वित्तीय हेराफेरी से बुजुर्ग और उनका परिवार बेहद चिंतित है, क्योंकि बिना किसी प्रमाणीकरण के खाते से रकम निकल जाना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह अवैध निकासी बीती आठ अक्तूबर की दोपहर को अंजाम दी गई थी, जब पीड़ित के बैंक खाते से चुपचाप रकम निकालकर किसी अन्य अज्ञात खाते में ट्रांसफर कर दी गई। इस ट्रांजैक्शन की भनक पीड़ित को दिन में बिल्कुल नहीं लग पाई, बल्कि इसका खुलासा तब हुआ जब उन्होंने रात के वक्त अपने मोबाइल फोन पर आए बैंक के एसएमएस संदेश को देखा। रात के समय खाते से लाखों रुपये कटने का मैसेज देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने फौरन इस धोखाधड़ी के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की ठान ली।
मामले की गंभीरता को पूरी तरह समझते हुए प्रेमनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रेमनगर के एसओ गिरीश नेगी के अनुसार पीड़ित की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की विशेष साइबर टीम अब तकनीकी पहलुओं और बैंक सर्वर लॉग्स की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बिना ओटीपी और नेट बैंकिंग के यह ट्रांजैक्शन कैसे संभव हो सका।

