मोहाली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एसएएस नगर के सनेटा गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ में युवाओं से नौकरी मांगने के बजाय खुद का उद्यम शुरू करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने के लिए पूरा सरकारी समर्थन दे रही है, जिससे अब उन्हें रोजगार की तलाश में विदेश जाने की मजबूरी खत्म होगी।
लोक मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाने वाला बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे 5 मई को भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात कर अवसरवादी नेताओं के दलबदल पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून बनाने की मांग करेंगे। मान ने दलबदल को जनता के जनादेश के साथ सीधा विश्वासघात और अपमान करार दिया।
राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि अकाली दल और कांग्रेस की पिछली सरकारें हमेशा ‘खजाना खाली है’ का रोना रोती थीं। इसके विपरीत उनकी सरकार ने नीयत साफ रखकर काम किया है और महज 4 वर्षों के कार्यकाल में जनता से किए गए वादों से भी ज्यादा काम करके दिखाए हैं।
सनेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष के व्यक्तिगत आरोपों को उनकी बौखलाहट बताया। मान ने कहा कि विपक्षी नेता आम जनता के कल्याण और राज्य की प्रगति को पचा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे मुद्दाविहीन होकर घटिया और बेबुनियाद व्यक्तिगत बयानबाजी पर उतर आए हैं।
सुखबीर सिंह बादल पर सीधा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉन्वेंट में पढ़े अकाली नेता को पंजाब की बुनियादी भौगोलिक स्थिति और फसलों तक का ज्ञान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने महलों के दरवाजे बंद रखकर केवल अपने परिवारों की तिजोरियां भरीं, जिससे पंजाब 70 साल पीछे धकेल दिया गया।
शिक्षा को समाज के बदलाव का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए मान ने कहा कि कोई भी मुफ्त योजना या रियायती कार्ड गरीबी दूर नहीं कर सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने बाबासाहेब अंबेडकर के सपनों को तोड़ा और गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रखकर केवल ‘आटा-दाल योजना’ तक सीमित रखा।
विपक्षी भाजपा पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 117 सीटों वाले पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए भगवा पार्टी के पास अपने नेता तक नहीं हैं और उसे दूसरी पार्टियों से उम्मीदवार उधार लेने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग भाजपा के सौतेले व्यवहार को कभी नहीं भूल सकते।
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए भगवंत मान ने बताया कि धान के सीजन में किसानों को दिन के समय 8 घंटे से ज्यादा बिजली दी जा रही है। वहीं, प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली के फैसले से राज्य के करीब 90 फीसदी परिवारों का बिजली बिल जीरो आ रहा है।
युवाओं और स्वास्थ्य सेवा का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 65,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ में रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की, ताकि 10 लाख रुपये तक का मुफ्त कैशलेस इलाज मिल सके।
मुख्यमंत्री मान ने साफ किया कि करदाताओं का एक-एक पैसा जनता की भलाई और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण में लग रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब झूठे दावों में नहीं आने वाली और AAP सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए बिना रुके काम करती रहेगी।

