हल्द्वानी में निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से वसूली जा रही मनमानी फीस पर जिला प्रशासन ने नकेल कस दी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 17 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर एडमिशन फीस या अन्य मदों में लिए गए अतिरिक्त शुल्क को वापस करने का आदेश दिया गया है। नैनीताल प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है जहाँ शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने इतनी सख्त कार्रवाई करते हुए फीस वापसी के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि शिक्षा एक परोपकारी कार्य है, व्यावसायिक गतिविधि नहीं, इसलिए स्कूलों की मनमानी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अतिरिक्त शुल्क और किताबों की अनिवार्यता पर रोक
जिलाधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी 100 स्कूलों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने और किसी एक विशेष दुकान से ही कॉपी-किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने जैसी गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन इन शिकायतों की लगातार जांच कर रहा है ताकि अभिभावकों का शोषण रोका जा सके।
जारी रहेगा कार्रवाई का सिलसिला
निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल नियमों का उल्लंघन कर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस कदम से उन हजारों अभिभावकों को राहत मिली है जो लंबे समय से स्कूलों की बढ़ती फीस और अन्य खर्चों से परेशान थे।

