देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार को देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित चीड़बाग के शौर्य स्थल पर आयोजित ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित कर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और देश की रक्षा के लिए उनके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम, शौर्य और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण का ऐतिहासिक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में भारत के वीर जवानों ने अत्यधिक विषम और कठिन परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा की थी।
संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने उस समय विश्व के सामने अपने अदम्य साहस और युद्ध कौशल की एक अनूठी मिसाल पेश की थी। देश अपने सभी वीर सैनिकों और अमर शहीदों द्वारा दिए गए इस महान बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा और उनके शौर्य को कभी नहीं भूलेगा।

उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को पूरे देश में वीरों की भूमि के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। प्रदेश के अनेक वीर सैनिकों ने कारगिल युद्ध समेत विभिन्न सैन्य अभियानों में अपने अद्वितीय साहस और सर्वोच्च बलिदान के जरिए पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।
राज्य सरकार की नीतियों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सर्वांगीण कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार उनके सम्मान, अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें अमर शहीदों के उच्च आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति अपने सभी दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करने की अपील की।
गढ़ीकैंट स्थित शौर्य स्थल पर आयोजित इस गरिमामय एवं भव्य कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री श्री गणेश जोशी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शहीदों को नमन करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों का उत्साह देखते ही बनता था।
इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री के अलावा बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, उत्साही युवा, मातृशक्ति और क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने मैराथॉन में भाग लेकर और शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

