उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में आयोजित हुए संत सम्मेलन में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने ब्रह्मगिरी महाराज को सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री धामी ने धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून जैसे राज्य सरकार के कदमों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक उत्थान और राम मंदिर निर्माण की भी सराहना की। सम्मेलन में अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित किया, वे केवल संन्यासी नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली।

ब्रह्मगिरी महाराज राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत: CM धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज जैसे महापुरुष केवल संन्यासी नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे। उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़कर ऐसा जीवन दर्शन दिया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के पथ पर चलने की प्रेरणा मिली। यह विचार उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डालते हुए व्यक्त किए गए।


