उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि शीतकालीन चारधाम यात्रा (Winter Chardham Yatra) के प्रति श्रद्धालुओं के बढ़ते उत्साह को देखते हुए सरकार चारधामों के शीतकालीन गद्दीस्थलों और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई ब्रांडिंग के बाद यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया है, जिसे देखते हुए आवास, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की योजना है। सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए विस्तृत अध्ययन कर प्रस्ताव तैयार करें।
शीतकालीन यात्रा में रिकॉर्ड वृद्धि
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शीतकालीन यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 में जहां लगभग 80 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 1.20 लाख हो गई है। इसके अतिरिक्त, आदि कैलाश और ओम पर्वत पर भी 2025 में 40,000 से अधिक लोगों ने यात्रा की, जो राज्य में पर्यटन की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।
चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां पूरी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही मुख्य चारधाम यात्रा के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पर्यटन, लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे सभी संबंधित विभागों को यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। सरकार का लक्ष्य देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सहज और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
रजिस्ट्रेशन के ताजा आंकड़े
चारधाम यात्रा के लिए अब तक हुए पंजीकरण के आंकड़ों के अनुसार श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है:
- केदारनाथ: 5,96,100
- बद्रीनाथ: 5,10,028
- गंगोत्री: 3,06,992
- यमुनोत्री: 2,98,778
- हेमकुंड साहिब: 16,250
- कुल योग: 17,28,148
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से विकास को मिलेगी नई गति
सीएम धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तराखंड न केवल देश की राजधानी दिल्ली से, बल्कि पूरे देश से बेहतर तरीके से जुड़ गया है। इसका सीधा लाभ राज्य के पर्यटन, उद्योग और परिवहन क्षेत्र को मिलेगा और आने वाले समय में लाखों यात्रियों के लिए सफर आसान हो जाएगा।

