उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के बच्चों की शिक्षा को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के लिए 84.89 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है। यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी किस्त के रूप में जारी की गई है ताकि निजी विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बजट का उपयोग पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से किया जाए, जिससे सीधे तौर पर राज्य के हजारों छात्र लाभान्वित हो सकें।
प्रमुख विकास परियोजनाएं और नई घोषणाएं
शिक्षा के अलावा, राज्य सरकार ने विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 135 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे और धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण पर खर्च किया जाएगा, जिसमें टिहरी के नाग देवता मंदिर और देवप्रयाग के सूर्य देवी मंदिर का विकास शामिल है। इसके साथ ही, पुलिस विभाग को 35.74 करोड़ और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को 7.57 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। एक महत्वपूर्ण भावनात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने ‘मोलन-खणडाह-भिंताई मोटर मार्ग’ का नाम शहीद कमल सिंह नेगी के नाम पर रखने की भी मंजूरी दे दी है, जो शहीद के सम्मान में एक सराहनीय कदम है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में सुविधाओं को बेहतर बनाना और जनहित के कार्यों में तेजी लाना है।

