देहरादून में सुरक्षा गार्ड बनकर छिपा था राजस्थान का अपराधी: STF ने 12 साल बाद किया गिरफ्तार

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राजस्थान से करीब 12 साल पहले फरार हुआ एक शातिर बदमाश देहरादून में अपनी पहचान बदलकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था, जिसे उत्तराखंड STF ने एक गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी देवेश मौर्या, जो मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है, देहरादून के न्यू वसंत विहार इलाके में रह रहा था और उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए यहाँ के स्थानीय पते पर अपना आधार कार्ड और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेज भी बनवा लिए थे। गुरुवार सुबह एसटीएफ ने कैंट थाना इलाके में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया, जिसके बाद राजस्थान पुलिस देहरादून पहुंचकर उसे अपने साथ ले गई।

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अपराधिक इतिहास और पहचान छिपाने की साजिश

आरोपी देवेश मौर्या पर साल 2014 में राजस्थान के कोतवाली बांसवाड़ा में अपहरण और लूट जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए उसने उत्तराखंड को अपना ठिकाना बनाया और यहाँ एक सिक्योरिटी एजेंसी में गार्ड की नौकरी हासिल कर ली। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, आरोपी ने सुरक्षा एजेंसी को गुमराह करने के लिए देहरादून के फर्जी पते पर बने दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था ताकि किसी को उसकी असलियत पर शक न हो। 12 सालों तक कानून की नजरों से बचकर सामान्य जीवन जीने की उसकी यह कोशिश एसटीएफ की मुस्तैदी और सटीक इनपुट के कारण आखिरकार नाकाम रही।

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एसटीएफ की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

उत्तराखंड एसटीएफ को राजस्थान पुलिस से एक गोपनीय इनपुट मिला था कि उनका एक वांछित अपराधी दून घाटी में छिपा हो सकता है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय जांच के जरिए आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे धर दबोचा। यह मामला सुरक्षा एजेंसियों और निजी सिक्योरिटी कंपनियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि कैसे अपराधी स्थानीय दस्तावेज बनवाकर अपनी पहचान छिपा लेते हैं। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर दस्तावेज बनवाने में किन लोगों ने मदद की थी और क्या उसने देहरादून में रहते हुए भी किसी अन्य संदिग्ध गतिविधि को अंजाम दिया है।