देहरादून में कांग्रेस की एक महिला नेता भावना पांडे को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का झांसा देकर 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले शातिर अपराधी गौरव कुमार को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। आरोपी ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव कनिष्क सिंह बताकर भावना पांडे को फोन किया और उत्तराखंड में सर्वे के बहाने पार्टी में बड़ा पद दिलाने का लालच दिया। विश्वास में लेकर उसने 13 अप्रैल को अपने एक साथी के माध्यम से जाखन स्थित नेत्री के आवास से 25 लाख रुपये की नकदी मंगवा ली, जिसके बाद उसने फोन उठाना बंद कर दिया। पुलिस ने राजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर अमृतसर निवासी गौरव को गिरफ्तार किया है और अब उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर मामले की गहराई से छानबीन की जा रही है।
ठगी की साजिश और डिजिटल जालसाजी का खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी गौरव कुमार ने इस ठगी को अंजाम देने के लिए बाकायदा डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया था। उसने ट्रूकॉलर पर कनिष्क सिंह के नाम से एक फर्जी आईडी बनाई ताकि जब वह किसी को फोन करे, तो सामने वाले को उसके असली होने पर शक न हो। इसके अलावा उसने इंटरनेट और विभिन्न वेबसाइटों के जरिए देशभर के वरिष्ठ नेताओं की सूची और उनके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई थी। कनिष्क सिंह, जो वास्तव में साल 2003 से 2015 तक राहुल गांधी के निजी सचिव रहे और वर्तमान में भी पार्टी से जुड़े हैं, उनके नाम का दुरुपयोग कर गौरव ने बड़े ही शातिर तरीके से इस घटनाक्रम को अंजाम दिया।
पुलिस कार्रवाई और रिमांड के दौरान आगे की जांच
भावना पांडे की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए राजपुर थाना पुलिस ने त्वरित कदम उठाए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोच लिया। कोर्ट ने आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जिस दौरान पुलिस उससे कड़ी पूछताछ करेगी ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों और ठगी की गई रकम की बरामदगी की जा सके। पुलिस अब आरोपी की पूरी कुंडली खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने कनिष्क सिंह बनकर देश के अन्य किन नेताओं या प्रभावशाली व्यक्तियों को अपना शिकार बनाया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को ऐसे अज्ञात कॉल्स से सतर्क रहने की सलाह दी है।

