उत्तराखंड सरकार ने राज्य के चौमुखी विकास के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के लिए 1344 करोड़ रुपये की वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस भारी-भरकम बजट के माध्यम से राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
इस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली व्यवस्था में सुधार, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, सिंचाई के साधनों का विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा देने और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास पर खर्च किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल स्थानीय निवासियों का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा मिलेगी।
घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने के लिए एक बड़ी रणनीति तैयार की है, जिसके तहत मुख्यमंत्री ने जिला योजनाओं के लिए कुल 1018 करोड़ रुपये की भारी धनराशि को सभी जिलाधिकारियों के अधीन रखने की मंजूरी दे दी है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बिना किसी प्रशासनिक देरी के तेजी से पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही, आम जनता को सीधे तौर पर आर्थिक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए विद्युत टैरिफ में छूट देने का एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके लिए सरकार ने 27.74 करोड़ रुपये की राशि अवमुक्त यानी जारी करने का फैसला किया है।
संस्कृति, पशुधन संरक्षण और प्रमुख क्षेत्रीय पर्यटन विकास
सरकार ने विकास के साथ-साथ राज्य की पहचान और पशुधन के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिसके तहत विलुप्त हो रही स्थानीय ‘बद्री गाय’ के संरक्षण और संवर्धन के लिए 30.03 करोड़ रुपये की विशेष राशि स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, बुनियादी ढांचे और पर्यटन के विकास के लिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।
इसमें देहरादून में जिला न्यायालय परिसर की सेवाओं को आधुनिक बनाना, किच्छा में स्थित आंबेडकर पार्क का भव्य सौंदर्यीकरण करना और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पिथौरागढ़ के नाबीढांग में नौ शानदार इग्लू हट का निर्माण शामिल है। इन सबके अतिरिक्त, राज्य की महत्वाकांक्षी लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए राज्यांश जारी करने के साथ-साथ पिटकुल की एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा पोषित विभिन्न योजनाओं के लिए भी करोड़ों रुपये की भारी धनराशि जारी की गई है।

