देहरादून से आई इस सुखद खबर के अनुसार, दून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वाले मुसाफिरों की बढ़ती तादाद और भारी मांग को देखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम ने अपनी सभी 22 वॉल्वो बसों का संचालन अब इसी नए एक्सप्रेसवे रूट से शुरू कर दिया है। जब इस सेवा की शुरुआत हुई थी, तब वाया एक्सप्रेसवे केवल आठ वॉल्वो बसें ही दिल्ली के लिए भेजी जा रही थीं, लेकिन यात्रियों के जबरदस्त रुझान के कारण पहले इनकी संख्या बढ़ाकर 14 की गई और अब इसे बढ़ाकर कुल 22 कर दिया गया है। अप्रैल महीने में इस आधुनिक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के तत्काल बाद परिवहन निगम ने वॉल्वो, एसी और साधारण श्रेणी की बसों का सुचारु संचालन यहां से शुरू किया था। नए रूट के खुलते ही निगम ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तीनों श्रेणियों की बसों के किराए में भी काफी कटौती कर दी थी, जिसका सीधा फायदा आम जनता को मिल रहा है और लोग अब बेहद आराम से अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।
इस नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी बेहद सिमट गई है, क्योंकि अब ये वॉल्वो बसें मात्र तीन घंटे में दिल्ली का सफर पूरा कर रही हैं। समय की इस भारी बचत के कारण यात्रियों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है; अब लोग डग्गामार बसों में ज्यादा किराया देकर और अधिक समय बर्बाद करने के बजाय, सरकारी वॉल्वो बसों को प्राथमिकता दे रहे हैं। निगम की इन बसों में एक समान और किफायती किराया तय होने के कारण यात्री अब डग्गामार बसों के मुकाबले आधे समय में दिल्ली पहुंच रहे हैं, जिससे अवैध रूप से चलने वाले वाहनों पर भी लगाम कसने में मदद मिल रही है।
ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के मुताबिक, एक्सप्रेसवे रूट पर चलने वाली परिवहन निगम की सभी वॉल्वो बसें इन दिनों पूरी तरह पैक चल रही हैं। इस रूट पर यात्रियों का भरोसा इतना बढ़ गया है कि बसों की अधिकांश टिकटें ऑनलाइन माध्यम से ही पहले से बुक हो जाती हैं, जिससे काउंटर पर यात्रियों की भीड़ भी कम हुई है। यात्रियों के इस बेहतरीन रिस्पॉन्स और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए डिपो प्रबंधन पूरी तरह सतर्क है; उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि आने वाले दिनों में जरूरत महसूस हुई, तो यात्रियों की सहूलियत के लिए इस रूट पर बसों के फेरे और कुल संख्या में और अधिक इजाफा किया जाएगा।

