उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने विधिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य के सात प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं को ‘वरिष्ठ अधिवक्ता’ के रूप में नामित किया है। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी चयन प्रक्रिया अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 16 और उत्तराखंड हाईकोर्ट रूल्स 2018 के कड़े प्रावधानों के तहत पूरी की गई है।
न्यायालय की उच्च स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए इस निर्णय के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल योगेश कुमार गुप्ता के हस्ताक्षरों से इसकी औपचारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है, जिसे तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है।
नामित किए गए वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नाम
इस प्रतिष्ठित सम्मान को पाने वाले वकीलों की सूची में राज्य के विधिक क्षेत्र के कई जाने-माने चेहरे शामिल हैं। उच्च न्यायालय द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किए गए सात वकीलों में बीडी कांडपाल, आरएस सम्मल, लोकेंद्र डोभाल, अमित भट्ट, सत्येंद्र सिंह लिंगवाल, विजय भट्ट और जगजीत सिंह विर्क शामिल हैं। इन सभी नामों पर हाईकोर्ट की विशेष समिति और न्यायाधीशों की बैठक में गहन विचार-विमर्श करने के बाद ही अंतिम मुहर लगाई गई है।
लंबे अनुभव और पेशेवर दक्षता को मिला सम्मान
हाईकोर्ट और कानूनी विशेषज्ञों द्वारा इस निर्णय को न्यायिक व कानूनी क्षेत्र के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम माना जा रहा है। उच्च न्यायालय ने इन सभी सात अधिवक्ताओं के वकालत के क्षेत्र में लंबे व्यावहारिक अनुभव, उनकी उत्कृष्ट पेशेवर कार्यकुशलता और विभिन्न जटिल न्यायिक कार्यों में उनके द्वारा दिए गए निरंतर व महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए उन्हें इस सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। यह पदनाम मिलने से न केवल इन अधिवक्ताओं का विधिक कद बढ़ेगा, बल्कि कोर्ट रूम में भी उनकी जिम्मेदारी और अधिक मजबूत होगी।

