उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को अधिक सुरक्षित, सुंदर और आधुनिक बनाने की दिशा में नगर निगम ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने और रात के समय सुरक्षा का पुख्ता माहौल तैयार करने के उद्देश्य से नगर निगम पूरे शहर में चार हजार नई स्ट्रीट लाइटें और पोल लगाने जा रहा है।
सोमवार को नगर निगम परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मेयर गौरव थपलियाल और स्थानीय पार्षदों ने वार्डों की आवश्यकता के अनुसार पोल वितरण का काम शुरू किया। इस योजना के तहत शहर के सभी 100 वार्डों में समान रूप से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
मेयर ने बताया कि इस बेहतर लाइट व्यवस्था से न केवल देहरादून की सुंदरता में चार चांद लगेंगे, बल्कि रात के समय राहगीरों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा भी बेहद मजबूत होगी। इससे देर रात आवागमन आसान होगा और अंधेरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं तथा असामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सकेगी।
जर्जर खंभों की जगह लगेंगे आधुनिक पोल
इस पूरी मुहिम के तहत नगर निगम उन इलाकों को प्राथमिकता दे रहा है जहां लंबे समय से स्ट्रीट लाइट की कमी है या फिर पुराने बिजली के खंभे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इन सभी चिन्हित जगहों पर पुराने पोल हटाकर नए और आधुनिक पोल स्थापित किए जाएंगे, जिससे शहर के अंदरूनी मोहल्लों, मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत किया जा सके।
मेयर ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि इस काम को पूरी गुणवत्ता और तय समय सीमाके भीतर पूरा किया जाए ताकि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिल सके। इस कार्यक्रम में पार्षद अमिता सिंह, रोबिन त्यागी, नंदिनी शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और सहायक नगर आयुक्त राजबीर सिंह मौजूद रहे।
निगम परिसर में उमड़ी भीड़ से पार्किंग की समस्या
इस सकारात्मक खबर के बीच सोमवार को नगर निगम परिसर में एक अन्य पहलू भी देखने को मिला। दरअसल, निगम परिसर में एक साथ कई कार्यक्रमों का आयोजन होने की वजह से वहां सामान्य से कहीं ज्यादा बड़ी संख्या में लोग अपनी गाड़ियों के साथ पहुंच गए। अचानक बढ़ी इस भीड़ के कारण परिसर में वाहनों के लिए बनी पार्किंग की जगह कम पड़ गई। उचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को जहां जगह मिली, उन्होंने वहां आड़े-तिरछे वाहन पार्क कर दिए।
इस अव्यवस्था का नतीजा यह हुआ कि कई लोगों की गाड़ियां करीब पौन घंटे तक जाम में फंसी रहीं, जिससे वहां आए आम नागरिकों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इस असुविधा के बाद स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन से भविष्य में यहां एक बेहतर और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है।

