बाजपुर चीनी मिल स्क्रैप घोटाला: अनशन स्थल पहुंचे यशपाल आर्य, सरकार पर दागे सीधे सवाल

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बाजपुर। देश की पहली सहकारी चीनी मिल ‘बाजपुर को-ऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री लिमिटेड’ में हुए करोड़ों रुपये के लोहा चोरी कांड ने राज्य में भारी सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस कथित स्क्रैप घोटाले के विरोध में चल रहे आंदोलन के 7वें दिन उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य बाजपुर स्थित अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों को समर्थन देते हुए इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर धामी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में स्थित यह ऐतिहासिक चीनी मिल पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्थापित की गई थी। आरोप है कि मिल प्रशासन और भू-माफियाओं की मिलीभगत से यहां करोड़ों रुपये की मशीनरी, भारी-भरकम लोहा और कबाड़ दिनदहाड़े गायब कर दिया गया।

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इस मामले में पारदर्शी जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर ‘चीनी मिल बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले किसान और मजदूर संगठन पिछले एक हफ्ते से लगातार क्रमिक अनशन पर बैठे हैं।

अनशन स्थल पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह केवल कुछ टन लोहे की चोरी का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर और स्थानीय किसानों के भविष्य के साथ हुआ बड़ा खिलवाड़ है।

यशपाल आर्य ने तंज कसते हुए कहा कि पंडित नेहरू ने किसानों की खुशहाली के लिए जिस पहली सहकारी चीनी मिल की नींव रखी थी, आज प्रशासनिक ढिलाई के चलते उसे उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सुरक्षा घेरे के बावजूद करोड़ों का लोहा कैसे गायब हो गया।

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नेता प्रतिपक्ष ने सीधा आरोप लगाया कि बिना सत्ता के संरक्षण और मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला संभव ही नहीं है। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए पूछा कि अब तक इस मामले में किसी बड़े जिम्मेदार की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई है।

सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि अगर जल्द ही निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच शुरू नहीं हुई, तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर विधानसभा के पटल तक पुरजोर तरीके से उठाएगी।

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चीनी मिल लोहा चोरी प्रकरण के गरमाने से उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। मुख्य विपक्षी दल इसे भ्रष्टाचार और किसान विरोधी नीति का मुद्दा बनाकर सरकार की घेराबंदी में जुट गया है।

दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से सफाई दी गई है कि मामले की जांच निष्पक्षता से जारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।