अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले के गनियाद्योली स्थित सीमांत मुख्यालय में सशस्त्र सीमा बल के आईजी अमित कुमार ने रविवार शाम प्रेसवार्ता कर बड़ी सफलता का ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल और भूटान सीमा पर एसएसबी के जांबाजों ने 54.74 लाख रुपये की जाली भारतीय मुद्रा और 8.09 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा जब्त की है। इसके साथ ही बल ने मानव तस्करी के चंगुल से 52 पीड़ितों को सुरक्षित मुक्त कराया और 136 तस्करों को दबोचकर 41.87 किग्रा मादक पदार्थ पकड़ा है।
अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर मानव तस्करी रोकने के लिए चलाए गए अभियानों की जानकारी देते हुए आईजी ने बताया कि अब तक तस्करी के 45 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। एसएसबी की टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 32 मानव तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है। तस्करों के कब्जे से 52 मासूम पीड़ितों को सकुशल मुक्त कराकर उनके परिजनों और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में सेंध लगाने की साजिशों को नाकाम करते हुए सीमांत मुख्यालय के जवानों ने 116 मामलों में बड़ी कार्रवाइयां की हैं। सीमावर्ती रास्तों से 54.74 लाख रुपये के नकली भारतीय नोट और 8.09 लाख की विदेशी करेंसी बरामद की गई। इसके अलावा नशीले पदार्थों के काले कारोबार पर नकेल कसते हुए 136 तस्करों को गिरफ्तार कर 41.87 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किया गया।
एसएसबी की इस उत्कृष्ट सेवा, वीरता और कर्तव्यपरायणता के लिए बल के अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया है। सीमांत मुख्यालय के 18 अधिकारियों व कार्मिकों को महानिदेशक ‘गोल्डन व सिल्वर डिस्क’ से नवाजा गया है। वहीं 11 अन्य कार्मिकों को उनके बेहतरीन कार्यों के लिए ‘महानिदेशक प्रशस्ति पत्र’ प्रदान किया गया है।
आईजी अमित कुमार ने बताया कि एसएसबी न केवल सीमाओं की सुरक्षा कर रहा है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा, अमरनाथ यात्रा और आपदा राहत कार्यों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। सुदूर सीमावर्ती इलाकों में मानव और पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

