देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों के लिए मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार 3 अगस्त को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत आठ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पर्वतीय इलाकों में यात्रा करने वाले यात्रियों और स्थानीय निवासियों पर सीधा असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, 3 अगस्त को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। चिन्हित आठ जिलों के कुछ इलाकों में गर्जन और बिजली चमकने के साथ तेज से भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे पहाड़ी रास्तों पर आवागमन बाधित होने की आशंका है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज केवल आज तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों यानी 8 अगस्त तक पूरे प्रदेश भर में रुक-रुक कर भारी बारिश और बौछारों का सिलसिला इसी तरह बना रहेगा।
यलो अलर्ट वाले जिलों के अलावा राज्य के अन्य मैदानी व निचले क्षेत्रों में भी मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज हवाएं चलने को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और संवेदनशील सड़कों के अवरुद्ध होने का खतरा बढ़ गया है। चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मौसम का हाल जानकर ही आगे बढ़ने का परामर्श दिया गया है।
प्रशासन और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी 8 अगस्त तक अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी-नालों के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बेवजह नदी के पास न जाने की हिदायत दी गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश के इस दौर से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन संवेदनशील रास्तों पर सफर जोखिम भरा हो सकता है। आपदा प्रबंधन टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

