Uttarakhand: जिस बूथ पर 2% से ज्यादा वोट कटे या जुड़े, उसकी होगी ERO जांच

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देहरादून। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत प्रदेश भर में मतदाता सूची की विसंगतियों को दूर करने के लिए विशेष जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। नए नियमों के अनुसार जिस बूथ पर कुल मतदाताओं के सापेक्ष 2 प्रतिशत या उससे अधिक वोट कटे या जुड़े हैं, उन सभी की अलग से अनिवार्य जांच निर्वाचक निबंधन अधिकारी करेंगे।

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आयोग के अनुसार यदि कोई एक व्यक्ति 5 से अधिक मतदाताओं के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराता है, तो ऐसे मामलों की भी ईआरओ स्तर पर जांच होगी। इसके अलावा, गलत तथ्यों के आधार पर वोट काटने की आपत्ति दर्ज कराने या गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत कार्रवाई होगी, जिसमें 1 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।

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वर्तमान में प्रदेश भर में SIR विसंगतियों के चलते 24.30 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। हालांकि, आपत्तियों के नोटिस इस संख्या से पूरी तरह अलग हैं और वे BLO के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचाए जाएंगे। नोटिस मिलने पर आपत्तिकर्ता और मतदाता दोनों को सुनवाई के दौरान अपना पक्ष साबित करना होगा।

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उत्तराखंड के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में 22,668 वोट कटवाने के लिए आपत्तियां आई हैं, जबकि 57,493 नए वोट जोड़ने के लिए फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुनवाई के दौरान भ्रामक तथ्य या गलत दस्तावेज पेश करने वाले दोनों पक्षों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।