देहरादून। उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण SIR-2026 शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया के तहत दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की मॉनिटरिंग के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने प्रशासनिक सेवा के नौ IAS/PCS अधिकारी पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में तैनात किए हैं।
यह आदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने जारी किया है। हरिद्वार जनपद में डॉ. संदीप तिवारी, ललित नारायण मिश्र, नंद कुमार और गोपाल राम बिनवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नैनीताल जनपद में संजय कुमार और विनीत तोमर तथा ऊधमसिंह नगर जनपद में प्रकाश चंद्र दुम्का, जय किशन और दिवेश शाशनी को पर्यवेक्षण अधिकारी बनाया गया है।
पर्यवेक्षण अधिकारी संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों का निस्तारण करेंगे। उन्होंने नोटिस वितरण, तामीली और सुनवाई की पूरी निगरानी की जाएगी। साथ ही आयोग के सभी नियमों का सख्ती से पालन करते हुए प्रक्रिया को गुणवत्तापूर्ण बनाए रखेंगे।
इन अधिकारियों को अपना दैनिक निरीक्षण की आख्या मंडलायुक्त के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सप्ताह में दो बार देनी होगी। रिपोर्टिंग Manual on Electoral Roll-2023 के अध्याय-11 में बताए गए प्रारूप के अनुसार होगी।
आदेश स्पष्ट है कि पुनरीक्षण की अवधि तक सभी नामित अधिकारी आयोग के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और अनुशासन में रहेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
यह SIR-2026 की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है क्योंकि मतदाता सूची की गुणवत्ता चुनाव की सफलता तय करती है। दावे और आपत्तियों का सही निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए ऐसे पर्यवेक्षण अधिकारी जरूरी हैं। अधिकारी अब अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पुनरीक्षण को और बेहतर बनाने में लगेंगे।

