देहरादून। राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘सरकार जन-जन की सरकार-जन-जन के द्वार’ अभियान ने नया कीर्तिमान बनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर आयोजित इस विशेष अभियान में अब तक साढ़े छह लाख से अधिक नागरिकों ने जनभागीदारी दर्ज कराई है। अभियान के दूसरे चरण में ही 81 हजार से अधिक लोगों को मौके पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया है।
जन समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं को आम जनता के घर तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। प्रथम और दूसरे चरण को मिलाकर कुल जनभागीदारी का आंकड़ा 6.5 लाख के पार पहुंच गया है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सफलता पर बात करते हुए कहा कि सरकार खुद जनता के द्वार पहुंचकर उनकी समस्याओं का तेजी से निस्तारण कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के संकल्प के साथ काम कर रही है और पात्र व्यक्तियों को एक ही जगह पर सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण और कृषि उपकरणों के वितरण के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण सेवाएं बिल्कुल मुफ्त दी जा रही हैं। मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी तुरंत विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र भी जारी कर रहे हैं।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गत दिसंबर माह में 45 दिवसीय ‘सरकार जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। इसके पहले चरण में ही 5,33,452 लोगों ने हिस्सा लिया था और लगभग 33 हजार जन शिकायतों का समाधान किया गया था।
वहीं, चार जुलाई से शुरू हुए अभियान के दूसरे चरण में मानसूनी मौसम की चुनौतियों के बावजूद अब तक 198 शिविर लगाए जा चुके हैं। दूसरे चरण के इन शिविरों में 1,34,740 लोगों ने हिस्सा लेकर अपनी समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।
आंकड़ों के मुताबिक, दूसरे चरण में कुल 23,219 जन शिकायतें मिलीं, जिनमें से 20,808 मामलों का निस्तारण अधिकारियों ने मौके पर ही कर दिया। इसके अलावा 81,753 पात्र लोगों को तुरंत विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभ पहुंचाया गया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित इन शिविरों में दूरदराज से आए ग्रामीणों के दस्तावेज और जरूरी कागजात हाथों-हाथ तैयार किए जा रहे हैं। प्रशासन की इस पहल से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है और वे अपने ही गांव-क्षेत्र में समस्याओं का समाधान पा रहे हैं।

