देहरादून में जलभराव का पक्का इलाज: नगर निगम और PWD मिलकर बनाएंगे संयुक्त मास्टर प्लान

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देहरादून। देहरादून नगर निगम ने मानसून के दौरान शहर में होने वाली जलभराव की पुरानी समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हर साल बरसात में कई कॉलोनियों में पानी भरने से होने वाली दिक्कतों को देखते हुए इस बार लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर संयुक्त मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

मुख्य नगर अधिकारी आलोक पांडेय ने बताया कि इस बार मानसून में समय से की गई नालों की सफाई के कारण शहर में बड़े पैमाने पर जलभराव की स्थिति नहीं बनी। हालांकि, इसके बावजूद कुछ संवेदनशील इलाकों से अभी भी पानी भरने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है।

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शहर के सहस्रधारा रोड और उससे जुड़ी आवासीय कॉलोनियों में सड़कें संकरी होने और नालों में कचरा जमा होने से जल-निकासी प्रभावित हो रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए नगर निगम अपने स्तर पर नालों की तलीझाड़ सफाई और चौड़ीकरण का काम शुरू करने जा रहा है।

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जलभराव के स्थायी समाधान के लिए PWD की टीम सड़कों के लेवल को दुरुस्त करेगी और मुख्य ड्रेनेज नेटवर्क को सुचारू बनाएगी। सड़कों और नालों का काम एक साथ होने से बारिश का पानी सड़कों पर जमने के बजाय सीधे मुख्य नालों में निकल सकेगा।

प्रशासनिक स्तर पर काम शुरू करने के साथ ही नगर निगम ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। मुख्य नगर अधिकारी ने नागरिकों से नालियों और खुले नालों में प्लास्टिक व कचरा न फेंकने का अनुरोध किया है, ताकि ड्रेनेज सिस्टम अवरुद्ध न हो।

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निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मुहिम में आम जनता का पूर्ण सहयोग नहीं मिलेगा, तब तक जलभराव की समस्या का शत-प्रतिशत समाधान संभव नहीं है। आने वाले दिनों में चिन्हित स्थानों पर दोनों विभागों की संयुक्त टीमें धरातल पर काम शुरू करेंगी।