देहरादून। देहरादून के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित भव्य ‘राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण समारोह’ में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस परेड का शानदार निरीक्षण किया और उत्तराखंड पुलिस को उसके 25 वर्षों के बेदाग इतिहास के लिए प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस निशान’ से अलंकृत किया।
राज्य पुलिस बल की 25 वर्षों की अनुकरणीय सेवा, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान में मिला यह निशान उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। इस सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान को प्राप्त करने के साथ ही उत्तराखंड अब देश का 16वां राज्य बन गया है, जिसके पुलिस बल को यह गौरव हासिल हुआ है।

समारोह के दौरान गृह मंत्री ने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक से नवाजा। विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को पदक दिए गए। वहीं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक (अभिसूचना) सौहकार पुंडीर को सम्मानित किया गया।
उत्तराखंड पुलिस को बधाई देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि चारधाम यात्रा और कुंभ जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों का सफल संचालन पुलिस के अनुशासन को दर्शाता है। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए बड़ा ऐलान किया कि मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर में तीन साल के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य तय किया गया है।

गृह मंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 वीर जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि 13 हजार जवानों से शुरू हुई उत्तराखंड पुलिस आज 26 हजार से अधिक जवानों तक पहुंच चुकी है और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत व बचाव कार्यों में पुलिस का योगदान अनुकरणीय रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने देश की पहली महिला पुलिस महानिदेशक स्वर्गीय कंचन चौधरी भट्टाचार्य के नेतृत्व को याद करते हुए बताया कि वर्तमान में उत्तराखंड पुलिस बल में महिलाओं की भागीदारी 14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की बड़ी मिसाल है।

राज्य में सुशासन और सुरक्षा का खाका खींचते हुए सीएम धामी ने बताया कि ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में 7 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर 307 करोड़ रुपये के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए ‘स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ की स्थापना की जा रही है।

