उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ‘विरासत और विकास’ को एक साथ आगे बढ़ा रही है। पर्यावरण और आर्थिकी के संतुलन को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट के आकलन की अनूठी व्यवस्था शुरू की गई है, और सरकार इकोलॉजी, इकोनॉमी व टेक्नोलॉजी के समन्वय के साथ विकास की राह पर चल रही है।
चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे पूरी तरह आस्था और श्रद्धा की यात्रा बताया और कहा कि केदारनाथ व बदरीनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि ऑल वेदर सड़कों ने यात्रा को बेहद सुगम बना दिया है। सीएम ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अब तक 40 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, वहीं सीमांत क्षेत्र आदि कैलाश में यात्रियों की संख्या जो पहले सिर्फ 400-500 होती थी, वह इस बार बढ़कर 45,000 हो गई है। अब राज्य में शीतकालीन यात्रा का भी क्रेज बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में दोहराया कि देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखना और इसकी आस्था से खिलवाड़ न होने देना हमारा सबसे बड़ा संकल्प है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित उत्तराखंड मिल सके। समान नागरिक संहिता पर बात करते हुए उन्होंने इसे ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने की शुरुआत बताया और कहा कि 2022 चुनाव में जनता से किया गया यह वादा अब पूरा हो चुका है और उत्तराखंड की तर्ज पर अन्य प्रदेशों में भी इसे लागू किया जा रहा है।
युवाओं के भविष्य पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड 33 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी गई हैं। देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने से राज्य के युवाओं का भरोसा व्यवस्था पर बढ़ा है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री स्वरोजगार और होमस्टे जैसी योजनाओं से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, रेखा आर्या, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, प्रधान संपादक डॉ. इंदुशेखर पंचोली और समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

