उत्तराखंड में 778 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच, HNB चिकित्सा विश्वविद्यालय ने जारी की सूची

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देहरादून। उत्तराखंड में नीट यूजी काउंसलिंग के दौरान फर्जी दस्तावेजों के सहारे एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिला लेने का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के कड़े रुख के बाद राज्य के 778 अभ्यर्थियों के सभी प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश जारी किए गए हैं। इस मामले में हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने सोमवार को 1112 अभ्यर्थियों की सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि राज्य कोटे के तहत एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित श्रेणी का लाभ लेने वाले सभी 778 अभ्यर्थियों के दस्तावेज जिला प्रशासन को सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर कागजों की गहन जांच के दौरान कई और चौंकाने वाले फर्जी मामले सामने आने की आशंका जताई जा रही है

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दूसरी तरफ, ऑल इंडिया कोटे की 338 सीटों पर हुए दाखिलों को इस जांच के दायरे से बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां राज्य स्तरीय आरक्षण नीति लागू नहीं होती है। एमसीसी के तय शेड्यूल के तहत 28 सितंबर से 09 अक्टूबर के बीच तीसरे चरण की काउंसलिंग आयोजित की जानी है, जिससे पहले-पहले ही जिला प्रशासन को सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं

इस घोटाले में अब तक धांधली के आरोपी 08 अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाण पत्र निरस्त किए जा चुके हैं। सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप बहुगुणा द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को सौंपी गई 370 संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची के बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई है। स्वतंत्रता सेनानी कोटे में धांधली की पुष्टि के बाद एसआईटी तेजी से कार्रवाई कर रही है और जल्द ही इस रैकेट से जुड़े कई लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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इन्वेस्टिगेशन को आगे बढ़ाते हुए एसपी एसआईटी जया बलोनी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम ने दून से लेकर हरिद्वार मेडिकल कॉलेज तक छापेमारी की। एसआईटी ने हरिद्वार में मेरिट लिस्ट में आई एक छात्रा के सभी शैक्षणिक और आरक्षण संबंधी फर्जी दस्तावेज सील कर अपने कब्जे में ले लिए हैं। इससे पहले एसआईटी हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में भी छापेमारी कर फर्जी प्रपत्र जब्त कर चुकी है

फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले गिरोह की गर्दन तक पहुंचने के लिए एसआईटी का शिकंजा अब तहसील प्रशासन तक कस गया है। एसआईटी की टीम ने दून स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय में दबिश देकर कई महत्वपूर्ण और गोपनीय फाइलें जब्त कर ली हैं, जिससे फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले अधिकारियों और दलालों में हड़कंप मच गया है।

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विश्वविद्यालय द्वारा जारी डेटा के अनुसार, दून मेडिकल कॉलेज में 106 प्रवेश (05 फ्लोट), हल्द्वानी में 89 (05 फ्लोट), श्रीनगर में 84 (27 फ्लोट) और अल्मोड़ा में 40 प्रवेश दर्ज हुए हैं। वहीं हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में 56, जौलीग्रांट में 82, एसजीआरआर में 47, गौतम बुद्ध कॉलेज में 25, सीमा डेंटल कॉलेज में 25 और उत्तरांचल डेंटल कॉलेज में 14 दाखिले हुए हैं, जिनके आरक्षित दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है