उत्तराखंड बनता जा रहा है खेती‑आधारित रोजगार हब,मशरूम उत्पादन में पांचवां और शहद में आठवां स्थान

ख़बर शेयर करें

उत्तराखंड के नौजवानों का रूझान बढ़ता रहा तो आने वाले वक्त में उत्तराखंड मशरूम उत्पादन और शहद उत्पादन में नई बुलंदियों को छू सकता है। दरअसल ये बात हम इस लिए कह रहे हैं कि मशरूम उत्पादक राज्यों में उत्तराखंड टॉप फाइव में राज्य में शामिल है। सत्ताइस हजार मीट्रिक टन मशरूम उत्पादन कर उत्तराखंड पांचवे नंबर पर है। जबकि शहद उत्पादन में राज्य आठवें पायदान पर है। अभी राज्य में तैतीस सौ मीट्रिक टन शहद का उत्पादन होता है। लेकिन जिस रफ्तार से राज्य में बागवानी का रकबा बढ़ रहा है उसे देखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही राज्य मौन पालन में नया आयाम स्थापित करेगा।

यह भी पढ़ें -  उधम सिंह नगर: रुद्रपुर में कच्ची शराब के ठिकानों पर आबकारी का बड़ा छापा, 4 भट्टियां ध्वस्त, 6000 किलो लहन नष्ट

आपको बता दे कि, राज्य सरकार कीवी, अखरोट और सेब जैसे फलों पर खास फोकस कर रही है जबकि दूसरे फल उत्पादक किसानो की भी हर संभव मदद कर रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर नौजवानों ने भी सरकार के मदद भरे हाथों को थामा तो फल उत्पादन और शहद उत्पादन उत्तराखंड में रोजगार का बड़ा जरिया बन सकता है। इस बजट सत्र में उत्तराखंड सरकार ने कृषि,उद्यान और मत्स्य पालन पर खास फोकस किया है। जिसके लिए 01 लाख 11 हजार करोड़ का बजट रखा गया है ताकि किसान की आमदनी में इजाफा हो सके और राज्य में रोजगार के साधन बढ सकें।

यह भी पढ़ें -  देहरादून: कालसी के हरिपुर में ₹752 लाख से बने 'माँ यमुना स्नान घाट' का लोकार्पण करेंगे CM धामी

बेशक सरकार की मंशा अच्छी है लेकिन जरूरत है सरकार की हसरत को नौजवानों तक पहुंचाने की। ताकि रोजगार की ख्वाहिश में शहर जाते तबके को गांवों में ही रोका जा सके और गांव के कांधे पर सवार पलायन का बेताल हमेशा हमेशा के लिए उतर सके।